अजब गजब

मुश्किल में CM विजयन और उनके दामाद रियास? अपनी ही पार्टी के विधायक ने साधा निशाना

Image Source : FACEBOOK.COM/PAMUHAMMADRIYAS
पीए मोहम्मद रियास और पिनाराई विजयन।

तिरुवनंतपुरम: केरल में मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के दामाद और पर्यटन राज्य मंत्री पीए मोहम्मद रियास अपनी ही पार्टी के एक विधायक के निशाने पर आ गए हैं। CPM विधायक कडकमपल्ली सुरेंद्रन ने रियास के खिलाफ अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधा है। हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में पिनाराई विजयन के नेतृत्व में सत्तारूढ़ CPM के नेतृत्व वाले लेफ्ट को राज्य की 20 में से केवल एक सीट मिली। इसके बाद से पिनाराई विजयन पार्टी के भीतर और सहयोगी दल, दोनों से आलोचना झेल रहे हैं और उनके भविष्य को लेकर अटकलों का दौर शुरू हो गया है।

रियास ने काफी तेजी से चढ़ी सियासी सीढ़ी

बता दें कि सुरेंद्रन और पहली बार विधायक बने रियास के बीच संबंध बहुत अच्छे नहीं हैं। यह कुछ समय पहले विधानसभा में भी देखने को मिला था। सोमवार को यह बात फिर सामने आई, जब सुरेंद्रन ने पर्यटन विभाग के कामकाज के तरीके पर सवाल उठाए। हालांकि, अपने जवाब में रियास ने सुरेंद्रन की ओर से उठाए गए मुद्दे को दरकिनार कर दिया। जून 2020 में विजयन की बेटी वीणा विजयन से शादी करने के बाद पार्टी में रियास का दर्जा काफी बढ़ गया। उन्होंने CPM के गढ़ बेपोर निर्वाचन क्षेत्र से 2021 का विधानसभा चुनाव भी जीता। जब कैबिनेट का गठन हुआ, तो उन्हें लोक निर्माण और पर्यटन राज्य मंत्री बनाया गया जिसकी वजह से भी नाराजगी देखने को मिली।

रियास के बढ़ते कद से कई लोग खुश नहीं

सरकार में प्रमुख पद पर आसीन होने के बाद नाराजगी तब और बढ़ गई जब उन्हें CPM की केरल इकाई के 17 सदस्यीय राज्य सचिवालय में शामिल कर लिया गया। इसके बाद से पार्टी में बहुत से लोग खुश नहीं थे, जब पार्टी के दो विधायकों समेत तीन शीर्ष नेताओं को लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए कहा गया, तो अटकलें शुरू हो गईं। कई लोगों का मानना है कि यह विजयन की एक चाल थी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यदि वे जीत गए तो वे लोकसभा में जाएंगे और यदि वे हार गए तो उन्हें समर्थन नहीं मिलेगा। बता दें कि स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं होने के कारण विजयन को अब एक उत्तराधिकारी की तलाश है।

ससुर और दामाद को हो सकती है मुश्किल

विपक्ष के नेता वीडी सतीशन ने अभी कुछ दिन पहले ही विधानसभा में कहा था कि हालात यहां तक ​​पहुंच गए हैं कि जब विजयन सदन में घिर जाते हैं तो उन्हें केवल रियास का समर्थन मिलता है। CPM की जिला समितियों की बैठकें चल रही हैं, जिनमें लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार के लिए विजयन की आलोचना हुई। राष्ट्रीय नेतृत्व ने घोषणा की है कि इस महीने के अंत में वे इस हार का विश्लेषण करेंगे। लेकिन फिलहाल यह देखना अभी बाकी है कि क्या बैठक में रियास के मुद्दे पर चर्चा होगी? यदि ऐसा होता है, तो इससे ससुर और दामाद दोनों को भारी नुकसान हो सकता है। (IANS)

Latest India News




Source link

एडवोकेट अरविन्द जैन

संपादक, बुंदेलखंड समाचार अधिमान्य पत्रकार मध्यप्रदेश शासन

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!