मध्यप्रदेश

Congress is in tension regarding counting; MP Congress; Jeetu Patwari; Bhupendra Gupta | काउंटिंग को लेकर कांग्रेस टेंशन में: कैंडिडेट्स को अलर्ट भेजा, कहा- मतगणना के पहले फार्म 17c से क्रॉसमैचिंग करें – Bhopal News


कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष और रिसर्च विंग के चेयरमैन भूपेंद्र गुप्ता ने कांग्रेस के उम्मीदवारों को संदेश भेजा है।

लोकसभा चुनाव की मतगणना के पहले कांग्रेस टेंशन में हैं। कांग्रेस का आरोप है कि मतदान के 11 दिन बाद चुनाव आयोग ने वोटिंग का डाटा जारी किया है। ऐसे में देश भर में करीब 1 करोड़ वोटों का अंतर आया है। अब मध्यप्रदेश में कांग्रेस ने अपने उम्मीदवारों को मतगणना

.

कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष और रिसर्च विंग के चेयरमैन भूपेंद्र गुप्ता ने कांग्रेस के उम्मीदवारों को भेजे संदेश में यह कहा है कि मतगणना होने के पहले अपनी एक्सेल शीट तैयार करें ताकि आंकड़ों की अगर कुछ गड़बड़ी हो तो उन्हें पकड़ा जा सके। उस पर लीगल तरीके से लड़ाई लड़ी जा सके।

फॉर्म 17सी को संयोजित करके रखें। उसके आधार पर पूरी एक्सेल शीट बनाएं। उसी एक्सेल शीट में पोलिंग एजेंट के हस्ताक्षर का नमूना भी एक कॉलम में रखें ताकि आपके काउंटिंग एजेंट के सामने जब मशीन रखी जाए तो उन पर हस्ताक्षर का भी मिलान कर सके।उस मिलान के बाद उस पेटी को खोलें और उसके बाद फाइनल काउंटिंग कराई जाए।

चुनाव आयोग स्पष्टीकरण दे

भूपेंद्र गुप्ता ने कहा- जब मतदान समाप्त होता है तो वोटिंग खत्म होते ही मशीन को क्लोज बटन दबाया जाता है और क्लोज बटन दबते ही मशीन स्वयं टोटल कितने वोट डले हैं। इसका आंकड़ा दे देती है और वो डाटा चुनाव आयोग को ऑटोमैटिकली ट्रांसफर हो जाता है।

अभी हाल ही में यह बात सामने आई है कि मतदान के 11 दिनों बाद वोटिंग के आंकडे़ जारी किए गए हैं जिसमें बड़ा अंतर आया है।सरकार इसकी जांच करें और पूर्व चुनाव आयुक्त कुरैशी जी ने जिस तरह से बातें सामने रखीं हैं उस पर भी चुनाव आयोग अपनी सफाई दे।

फार्म 17C से काउंटिंग एजेंट कर सकेंगे मिलान

भूपेन्द्र गुप्ता ने कहा- चुनाव के दौरान फार्म 17सी और 17ए दो तरह के फॉर्म भरवाए जाते हैं। 17ए फॉर्म में कितने स्त्री, कितने पुरुष, कितने जो है थर्ड जेंडर हैं इनके मतों का सेग्रीगेशन होता है। 17 सी में टोटल कितने वोट डले। मशीन की बैटरी की परसेंटेज क्या है, यह सारी चीजें क्लोज करते टाइम रिकॉर्ड की जाती हैं। उसकी सर्टिफाइड कॉपी दी जाती है।

उस समय जब काउंटिंग होती है उस समय जो है इनका मिलान जो है संभव नहीं होता है अगर आपके पास तत्काल रेफरेंस में फाॅर्म 17सी की कॉपी नहीं होगी तो मिलान नहीं हो पाएगा। इसलिए हमने अपने प्रत्याशियों से निवेदन किया है कि वह यह सारी तैयारियां एडवांस में करके काउंटिंग के समय जाएं ताकि काउंटिंग एजेंट फाॅर्म से डेटा और जानकारी को वैरिफाई कर सकें।


Source link

एडवोकेट अरविन्द जैन

संपादक, बुंदेलखंड समाचार अधिमान्य पत्रकार मध्यप्रदेश शासन

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!