रिटर्न दिलाने में सबका ‘बाप’ निकला मैन्युफैक्चरिंग फंड, सालभर में दिया 35 फीसदी मुनाफा, कैसे किया ये चमत्कार!

हाइलाइट्स
मैन्युफैक्चरिंग का देश के जीवीए (ग्रॉस वैल्यू एडेड) में 28% का योगदान होता है.
मैन्युफैक्चरिंग में ऐसे कई सेक्टर हैं जो आने वाले सालों में तेजी से विकास करने को तैयार हैं.
निवेशक के रूप में थीम को अपनाना म्यूचुअल फंड रूट के लिए सबसे अच्छा है.
नई दिल्ली. भारत को सर्विस इंडस्ट्री का हब माना जाना है. मोदी सरकार के आने के बाद से मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री भी तेजी से विकास कर रही है. इस क्षेत्र का देश के जीवीए (ग्रॉस वैल्यू एडेड) में 28% का योगदान होता है. जाहिर है कि इस क्षेत्र से जुड़ी कंपनियां भी तेजी से ग्रो कर रही हैं. मैन्युफैक्चरिंग में ऐसे कई सेक्टर हैं जो आने वाले सालों में तेजी से विकास करने को तैयार हैं. ऑटोमोबाइल, डिफेन्स, खनन, कैपिटल गुड्स, रेलवे, कपड़ा, केमिकल, पेट्रोलियम व गैस शामिल हैं.
भारत के तेजी से हो रहे शहरीकरण और लोगों की बढ़ती इनकम का मतलब यह है कि आने वाले दिनों में हाउसिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग होगी. वैश्विक स्तर पर देखें तो कई देश एनर्जी सेक्टर में निवेश कम कर रहे हैं, जिससे भारत को फायदा होना तय है. आयात प्रतिस्थापन (import substitution) और मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत बढ़ावा देने के लिए सरकार के कदम जैसे मेक इन इंडिया, परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई), मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स के लिए गति शक्ति, देश भर में एक्सप्रेसवे और राजमार्गों को पूरा करना, रक्षा निर्यात आदि पूरे थीम को सबसे आगे ले जाने के लिए तैयार हैं. यह कहा जा सकता है कि कंपनियां मजबूत ग्रोथ के लिए अच्छी तरह से तैयार हैं.
इसका फायदा म्यूचुअल फंड को भी
एक निवेशक के रूप में थीम को अपनाना म्यूचुअल फंड रूट के लिए सबसे अच्छा है. इसका फायदा निवेशक को भी मिलता है. आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल मैन्युफैक्चरिंग फंड ने भी इस ग्रोथ का फायदा उठाया और अपने निवेशकों को जमकर रिटर्न दिलाया है. अक्टूबर 2018 में ट्रेडिंग शुरू होने के बाद से ही आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल मैन्युफैक्चरिंग फंड ने 5 साल में जमकर मुनाफा दिलाया है.
एक साल में भर दी झोली
आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल मैन्युफैक्चरिंग फंड ने एक, तीन और पांच साल में क्रमशः 35.3%, 34.7% और 19.7% का रिटर्न दिया है. यह एसएंडपी बीएसई इंडिया मैन्युफैक्चरिंग टीआरआई से 2.6 से 9.6 प्रतिशत ज्यादा है. ये रिटर्न सभी कैटेगरी के इक्विटी फंडों में सबसे अच्छे हैं. पिछले पांच वर्षों में एसआईपी रिटर्न (एक्सआईआरआर) में आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल मैन्युफैक्चरिंग फंड ने 25.3% का मजबूत रिटर्न दिया है.
साल दर साल मिलता है रिटर्न
रिटर्न में निरंतरता भी फंड के पक्ष में जाता है. अक्टूबर 2018 से अक्टूबर 2023 तक लगातार तीन साल के आधार पर आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल मैन्युफैक्चरिंग ने 24.6% का औसत रिटर्न दिया है. इसके अलावा तीन साल के रोलिंग आधार पर इस दौरान फंड ने लगभग 93 बार 18% से अधिक रिटर्न दिया है, जो दर्शाता है कि यह स्कीम कितनी स्थिर है. आंकड़ों के मुताबिक, जब बाजार में तेजी होती है तो यह फंड बेंचमार्क से ज्यादा रिटर्न देता है. जब बाजार गिरता है तो उस समय यह बेंचमार्क से काफी कम नीचे जाता है. आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल मैन्युफैक्चरिंग फंड निवेश के मिले जुले तरीके का अनुसरण करता है जिसमें वैल्यू और ग्रोथ दोनों स्टाइल का समावेश होता है.
वर्तमान में, फंड बेंचमार्क इंडेक्स की तुलना में ऑटो एन्सिलरी, कैपिटल गुड्स और सीमेंट पर अधिक फोकस करता है और कंज्यूमर नॉन-ड्यूरेबल्स, मेटल और खनन तथा ऑयल एण्ड गैस पर कम फोकस रखता है. यह फार्मा और हेल्थकेयर पर न्यूट्रल है. सेक्टर में वेटेज को बैलेंस आउटलुक के साथ लिया जाता है और इसे कभी भी ज़्यादा नहीं किया गया है. आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल मैन्युफैक्चरिंग फंड एक विविधीकरण एजेंट के रूप में आपके पोर्टफोलियो में एक और अच्छा निवेश हो सकता है.
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FIRST PUBLISHED : October 19, 2023, 17:39 IST
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