हूती हमलों से स्वेज नहर के जरिये माल ढुलाई आधी हुई, सप्लाई का खर्च बढ़ा, अब दुनिया भर में …

हाइलाइट्स
हूती विद्रोहियों के मालवाहक जहाजों पर हमलों से दुनिया में माल ढुलाई पर संकट.
स्वेज नहर से माल ढुलाई लगभग आधी हो गई है.
पिछले दो महीनों में स्वेज नहर के जहाजों में 39 प्रतिशत की गिरावट.
लंदन. यमन के हूती (Houthi) विद्रोहियों ने जब से लाल सागर में मालवाहक जहाजों पर अपने हमले शुरू किए हैं, उसके बाद से स्वेज नहर (Suez Canal) से माल ढुलाई लगभग आधी हो गई है. एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यह प्रमुख शिपिंग लेन एशिया-प्रशांत इलाके और पश्चिमी बाजारों में उत्पादकों को जोड़ती है. दुनिया के इस सबसे व्यस्त समुद्री रास्ते स्वेज नहर के रास्ते में खतरों के बढ़ने के कारण जहाजों को लंबे और वैकल्पिक रास्तों को अपनाने के कारण ढुलाई में देरी और लागत में बढ़ोतरी हुई है. यूनाइटेड नेशन कॉन्फ्रेंस ऑन ट्रेड एंड डेवलपमेंट (UNCTAD) ने कहा कि पिछले दो महीनों में स्वेज नहर का उपयोग करने वाले जहाजों की संख्या में 39 प्रतिशत की गिरावट आई है.
अंकटाड के कारण जिससे माल ढुलाई में 45 प्रतिशत की गिरावट आई है. एजेंसी के व्यापार लॉजिस्टिक्स प्रमुख हॉफमैन ने कहा कि दुनिया में चल रही जंगों और सूखे के कारण तीन प्रमुख वैश्विक समुद्री व्यापार मार्ग बाधित हो गए हैं. रूस के यूक्रेन पर हमला करने के बाद काला सागर का मार्ग, इजरायल- फिलिस्तीन जंग के कारण अब स्वेज नहर मार्ग और सूखे के कारण कम जलस्तर के चलते पनामा नहर में जहाजों की आवाजाही पर असर पड़ा है.
अंकटाड के व्यापार लॉजिस्टिक्स प्रमुख हॉफमैन ने कहा कि ‘हम बहुत चिंतित हैं. हम देरी, बढ़ती लागत, ज्यादा ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन देख रहे हैं. प्रदूषण बढ़ रहा है क्योंकि जहाज लंबे रास्ते चुन रहे हैं और चक्कर की भरपाई के लिए तेजी से यात्रा भी कर रहे हैं.’ गौरतलब है कि स्वेज नहर से दुनिया के व्यापार का 12-15 प्रतिशत और कंटेनर यातायात का 25-30 प्रतिशत संभालती है. दिसंबर की शुरुआत से लेकर 19 जनवरी तक के हफ्ते में नहर के जरिये कंटेनर शिपमेंट में 82 प्रतिशत की गिरावट आई है.
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अंकटाड के व्यापार लॉजिस्टिक्स प्रमुख हॉफमैन ने आगे कहा कि इसका दुनिया भर में खाद्य कीमतों पर असर पड़ सकता है. यूक्रेन में युद्ध के बाद खाद्यान्नों के दामों में देखी गई लगभग आधी बढ़ोतरी ज्यादा परिवहन लागत के कारण हुई. हालांकि विकसित देशों में उपभोक्ताओं को इसका असर देखने में कुछ समय लग सकता है.
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Tags: Russia, Suez Canal, World news, Yemen
FIRST PUBLISHED : January 28, 2024, 23:38 IST
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