हाईकोर्ट के आदेश पर GAD का फरमान: जिनके ज्यादा केस वे कलेक्टर, कमिश्नर, विभाग अब ई-फाइल करेंगे

भोपाल
कोरोना संक्रमण काल में न्यायालय की पेशी न हो पाने और बढ़ते न्यायालयीन प्रकरणों की स्थिति को देखते हुए एमपी हाईकोर्ट अब न्यायालय में लगने वाले प्रकरणों के मामले में ई फाइलिंग सिस्टम को बढ़ावा देगा। इसको लेकर उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को उन विभाग को अधिक से अधिक केस ई फाइल करने के लिए आदेशित किया है जहां से न्यायालय में अधिकतम केस आते हैं। उच्च न्यायालय के आदेश के बाद अब राज्य सरकार ऐसे विभागों को पत्र भेजकर ई फाइल प्रक्रिया का उपयोग करने के निर्देश दे रही है।

उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए आदेश के बाद विधि और विधायी कार्य विभाग ने इसको लेकर जीएडी को पत्र लिखा है कि उच्च न्यायालय की ई फाइलिंग 3.0 साफ्टवेयर सुविधा का उपयोग करने में तेजी लाई जाए। इसके जरिये कहा गया है कि इसमें वे ही ई फाइलिंग करें जिन व्यक्तियों के द्वारा अधिक संख्या में न्यायालय में केस दायर किए जाते हैं या फिर वे प्रतिवादी होते हैं। विधि और विधायी कार्य विभाग के पत्र के बाद अब जीएडी ने लोक निर्माण विभाग, जल संसाधन, नगरीय विकास, वित्त, पंचायत और ग्रामीण विकास समेत सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव, सभी संभागायुक्तों और कलेक्टरों को ई फाइलिंग के जरिये केस दायर करने और प्रतिवादी होने पर जवाब पेश करने के लिए निर्देशित किया है। बताया गया कि ई फाइलिंग 3.0 साफ्टवेयर में इसके मद्देनजर व्यवस्था की गई है और इसमें सभी विभागों से जोड़ने की सुविधा भी दी गई है।
चार माह में नहीं भेजी सीआर, फिर लिखा पत्र
विधि विभाग ने कर्मचारियों की गोपनीय चरित्रावली भेजने को लेकर चार माह पहले महाधिवक्ता, उप महाधिवक्ता कार्यालय के साथ विधि विभाग के अफसरों को निर्देश दिए थे। इसमें कहा गया था कि विधि विभाग में पदस्थ सहायक ग्रेड 1, 2, 3, लेखा सह कैशियर, लेखापाल, डाटा एंट्री आपरेटर, अनुवादक, मुख्य अनुवादक, ग्रंथपाल, सहायक ग्रंथपाल, निज सचिव, स्टेनो टायपिस्ट, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, वाहन चालक समेत सभी के सीआर तत्काल भेजें। चार माह पहले जारी निर्देश पर अब तक अमल नहीं हुआ है। इसके बाद विधि विभाग ने एक बार फिर संबंधित कार्यालयों को सीआर भेजने के निर्देश जारी किए हैं।