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‘जब आएंगे तो देखेंगे, खुला ही रहता है दरवाजा…’, नीतीश के फिर साथ आने पर ऐसा क्यों बोले लालू प्रसाद

पटना. क्या लालू यादव (Lalu Prasad Yadav), नीतीश कुमार को साथ आने पर एक और मौका देंगे? पिछले महीने नीतीश कुमार (Nitish Kumar) के नाटकीय ढंग से विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ से कूदकर एनडीए (NDA) में शामिल होने के बाद यह सवाल एक बार फिर से पूछा जाने लगा है. कांग्रेस और लंबे समय से विरोधी रहे लालू प्रसाद यादव को छोड़कर भारतीय जनता पार्टी के साथ फिर से जुड़ने और पूर्व सहयोगियों से तीखे हमलों को निमंत्रित करने वाले नीतीश कुमार ने जनता दल के साथ फिर सहयोग के हर रास्ते को बंद करने की कोशिश में हैं. मगर इसके बावजूद लालू प्रसाद यादव ने कहा कि नीतीश कुमार के लिए उनके दरवाजे हमेशा खुले हुए हैं.

लालू प्रसाद यादव ने कहा कि ‘जब आएंगे तो देखेंगे, खुला ही रहता है दरवाजा’. लालू यादव की यह आश्चर्यजनक टिप्पणी बिहार विधानसभा में नीतीश कुमार से भिड़ने के कुछ दिनों बाद आई. जब उनकी पार्टी मनोज झा और संजय यादव को राज्यसभा उम्मीदवार के रूप में नामित कर रही थी. दोनों नेता दशकों से बिहार के राजनीति पर हावी रहे हैं. अतीत में कई बार एक-दूसरे के पक्ष में रहे हैं. बाद में नीतीश कुमार ने लालू यादव से संबंध तोड़ लिए और भाजपा के साथ चले गए.

नीतीश के जल्द यू-टर्न लेने की संभावना नहीं
मगर बीजेपी से मतभेद होने पर नीतीश ने वापस लालू से गठजोड़ किया और सत्ता में बने रहे. मगर लालू यादव के विपरीत उनके बेटे तेजस्वी यादव कम सहनशील रहे हैं. वह नीतीश कुमार के साथ दो बार उप मुख्यमंत्री रह चुके हैं. तेजस्वी यादव को नीतीश के लिए कम सहनशील माना जाता है और इस हफ्ते विश्वास मत के दौरान उन्होंने अपने पूर्व बॉस पर हमला बोल दिया. हालांकि, जदयू नेता नीतीश कुमार ने पिछले हफ्ते जो कहा, उसे देखते हुए जल्द ही उनके एक और यू-टर्न लेने की संभावना नहीं है.

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विचार में एक रहे
कुछ दिन पहले ही नीतीश कुमार ने मीडिया से कहा कि ‘हम पहले बीजेपी के साथ थे. दो बार मैं ‘इधर, उधर’ गया. अब मैं वापस आ गया हूं. मैं अब स्थायी रूप से वहीं रहूंगा. बहरहाल जैसा कि कहा गया है, दोनों दिग्गज नेताओं के बीच का रिश्ता एक किंवदंती है. बिहार के राजनीतिक हलकों में इनको ‘बड़ा भाई, छोटा भाई’ कहा जाता है. जब वे दोनों 1970 के दशक में छात्र नेता थे, व्यवहार में नहीं तो विचार में एक ही रहे हैं.

Tags: Bihar News, CM Nitish Kumar, JDU nitish kumar, Lalu Prasad Yadav


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एडवोकेट अरविन्द जैन

संपादक, बुंदेलखंड समाचार अधिमान्य पत्रकार मध्यप्रदेश शासन

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