दुर्घटना में गंवाया दोनों पैर, सिर पर नहीं है पिता का साया, फिर भी नहीं मानी हार, संघर्ष से भरी है रवि की कहानी

मनीष कुमार/कटिहार:- नहीं कुछ करने से बेहतर है कुछ करना, यह कहानी रवि कुमार की है, जिन्होंने एक ट्रेन दुर्घटना में अपने दोनों पैर गंवा दिये थे और उनके पिता की मौत हो गई थी. घर चलाने की जिम्मेवारी अब उनके कंधों पर आ गई थी. इसके बाद भी रवि ने हार नहीं मानी और जीवन जीने के लिए संघर्ष जारी रहा. आज उन्होंने खुद की एक अलग पहचान बना ली है. कटिहार में रवि लिट्टी-चोखा की दुकान चलाते हैं और रोजाना 200 पीस लिट्टी बेच लेते हैं. उनका मानना हैं कि जो चलता है, वह गिरता है और फिर संभलता है.
कृत्रिम पैर लगावाया, स्कूटी को बनाई दुकान
कटिहार जिला तीनगछिया के रहने वाले रवि कुमार ने एक ट्रेन दुर्घटना में अपना दोनों पैर गंवा दिया था. इसके कुछ दिनों बाद उन्होंने एक कैंप में जाकर कृत्रिम पैर लगवाया. फिर पिता के निधन के बाद पूरे घर की जिम्मेदारी उठाई और किसी तरह एक स्कूटी खरीदी. अब स्कूटी को ही उन्होंने दुकान बना ली है. अपने स्कूटी को दुकान बनाकर वो कटिहार के पानी टंकी चौक पर लिट्टी-चोखा की दुकान चला रहे हैं और पूरे परिवार की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. रवि कुमार कहते हैं कि उनके घर में उनकी एक बहन और उनकी मां हैं. वो पार्ट टाइम में मोमबत्ती बनाने का काम करते हैं. जब वहां काम बंद हो जाता है, तो फिर लिट्टी-चोखा की दुकान खोलकर लिट्टी बेचते हैं. रोजाना रवि लगभग 200 पीस लिट्टी बेच लेते हैं.
10 रुपया पीस खिलाते हैं लिट्टी
रवि कुमार कहते हैं कि जो चलता है, वह गिरता है, मगर फिर गिरकर संभलता भी है. इसी सोच के साथ वह अपने कारोबार को आगे बढ़ा रहे हैं. साथ ही साथ पूरे परिवार की जिम्मेदारी उठा रहे हैं. रवि कुमार कहते हैं कि उनकी दुकान पर 10 रुपए पीस लिट्टी दी जाती है. लिट्टी के साथ धनिया और सरसों की चटनी के अलावा आलू और बैगन का चोखा और सलाद भी दिया जाता है.
युवाओं के लिए पेश कर रहे मिशाल
रवि कुमार की दुकान पर लिट्टी-चोखा खाने वाले ग्राहक भी उनके संघर्ष के मुरीद बन चुके हैं. ग्राहक भी कहते हैं कि रवि कुमार जिस तरह से दिव्यांग होने के बावजूद संघर्ष कर आत्मनिर्भर बन रहे हैं और अपने परिवार की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, वो कई युवाओं के लिए उदाहरण पेश कर रहे हैं. कई युवाओं को रवि कुमार से सीख लेने की जरूरत है. कटिहार के पानी टंकी चौक पर लिट्टी-चोखा बेचकर आत्मनिर्भर बन रहे दिव्यांग रवि कुमार की कहानी बेहद प्रेरक है.
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Tags: Bihar News, Katihar news, Local18, Success Story
FIRST PUBLISHED : January 13, 2024, 19:49 IST
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