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रूस का कारनामा, AI तकनीक की मदद से की खेती, सेल्फ-ड्राइविंग ट्रैक्टरों ने किया चमत्कार

मॉस्‍को. रूस में किसानों को आर्टिफिशियल इंजीनियरिंग का सीधा फायद मिल रहा है. यहां आर्टिफिशियल इंजीनियरिंग का फायदा लेते हुए किसानों ने सेल्फ-ड्राइविंग ट्रैक्टरों का इस्‍तेमाल करना शुरू कर दिया है. इसको लेकर रूसी समाचार एजेंसी टाश (टीएएसएस) ने बताया है कि इस नई तकनीक से किसानों को सीधा फायदा मिल रहा है. टीएएसएस ने मंगलवार को डेवलपर कॉग्निटिव पायलट का हवाला देते हुए बताया कि रूसी कृषि-औद्योगिक क्षेत्र में एआई-आधारित (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) स्वायत्त ट्रैक्टरों का बड़े पैमाने पर परिचय शुरू हो गया है.

कंपनी, जो एआई टेक्‍नोलॉजीज पर आधारित कृषि मशीनरी के लिए कॉग्निटिव एग्रो पायलट ऑटोनॉमस ड्राइविंग सिस्टम का उत्पादन कर रही है, ने बताया कि इस सिस्टम का दुनिया में कोई एनालॉग नहीं है. डेवलपर इस बात पर जोर देता है कि स्व-चालित ट्रक द्वारा स्वचालित जुताई से खेती की उत्पादकता 25% तक बढ़ सकती है और उर्वरक और बीज जैसी 20-40% अधिक सामग्री को संरक्षित करने में मदद मिल सकती है. कॉग्निटिव पायलट ने रूस में एआई-आधारित कॉग्निटिव एग्रो पायलट सिस्टम से लैस ट्रैक्टरों के संचालन की जानकारी दी है.

312 ट्रैक्टर ने मार्च से नवंबर तक रूसी खेतों में
कंपनी की प्रेस सेवा ने टीएएसएस को बताया कि स्मार्ट मशीनरी ने कुल मिलाकर 2.3 मिलियन हेक्टेयर से अधिक भूमि की जुताई की. रिपोर्ट में बताया गया है कि, कुल मिलाकर, कॉग्निटिव एग्रो पायलट से लैस 312 ट्रैक्टर मार्च से नवंबर तक रूसी खेतों पर काम कर रहे हैं. प्रणाली का उपयोग करने से किसानों को 1,000 हेक्टेयर क्षेत्रफल वाले प्रति खेत से औसतन 2.6 मिलियन रूबल ($28,700) या कुल मिलाकर 5 बिलियन रूबल ($56 मिलियन) से अधिक की बचत करने में मदद मिली है.

Tags: Agriculture, Artificial Intelligence, Farming, Russia, Russia News


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एडवोकेट अरविन्द जैन

संपादक, बुंदेलखंड समाचार अधिमान्य पत्रकार मध्यप्रदेश शासन

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