So that the order of the Supreme Court is not disobeyed | प्राथमिक शिक्षक भर्ती संघ ने की मांग, बीएड की जगह डीएड अभ्यर्थियों को मिले नियुक्ति

भोपाल41 मिनट पहले
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सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना ना हो इसके प्राथमिक शिक्षक भर्ती संघ-2020 के डीएड पात्रता उम्मीदवारों ने सोमवार लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) के सामने धरना-प्रदर्शन अपनी मांगे रखीं। संघ के संयोजक मंगल सिंह ने बताया कि हम लगातार अपनी मांगों को लेकर जून से प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी बीच सरकार भर्ती प्रक्रिया के अंतर्गत आज बीएड के हजारों अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र देने जा रही है। इसको लेकर 11 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने प्राथमिक शिक्षक के पद पर बीएड पात्रता धारी को योग्य ठहराने वाली 28 जून 2018 की अधिसूचना को रद्द कर दिया है इस अधिसूचना के रद्द करने के बाद बीएड पात्रताधारी अभ्यार्थी प्राथमिक शिक्षक के पद पर नियुक्ति के लिये अपात्र घोषित हो गए हैं। इसको लेकर आज हम आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय को ज्ञापन भी देंगे।

प्रदर्शन करते प्राथमिक शिक्षक अभ्यार्थी।
नहीं तो न्यायालय की लेंगे शरण
मंगल सिंह ने बताया कि वर्तमान में द्वितीय कांउसलिंग के प्राथमिक शिक्षक के नियुक्ति आदेश जारी किये गये है। अतः माननीय सुप्रिम कोर्ट के निर्णय के बाद द्वितीय काउसलिंग में बी.एड. पात्रका धारीयों के नियुक्ति आदेश जारी करना असंवैधानिक है। सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के पश्चात डी.एड. अभ्यर्थियों के हितो को ध्यान में रखते हुए प्रथम एवं द्वितीय काउंसिलिंग में तत्काल बीएड. अभ्यर्थियों के प्राथमिक शिक्षक के पद पर नियुक्ति आदेश निरस्त किए जाएं। अन्यथा हम डीएड अभ्यर्थियों को न्यायालय अवमानना के परिपालन में न्यायालय की शरण लेनी पड़ेगी। इसके अलावा मंडी बामोरा की रहने वाली अनामिका दांगी ने बताया कि प्रथमिक शिक्षकों के लिए सुप्रीम कोर्ट ने निर्णय दिया है कि इसमें डीएड धारी ही पात्र हैं। मगर मध्य प्रदेश सरकार इसकी अवहेलना करते हुए बीएड अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दे रहा है। हम लोग इसके लिए ज्ञापन देंगे।
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