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‘एथिक्स कमेटी ने मेरा चीरहरण किया…’, महुआ मोइत्रा के लिखी ओम बिरला को चिट्ठी, बताया पूरा घटनाक्रम

नई दिल्ली. संसद में सवाल पूछकर पैसे लेने के मामले में फंसीं तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने एथिक्स कमेटी पर गंभीर आरोप लगाए हैं. इस मामले में सांसद माेइत्रा ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को चिट्ठी लिखी है. चिट्ठी में टीएमसी सांसद ने एथिक्स कमेटी के सामने पेशी के दौरान हुए पूरे घटनाक्रम का ब्यौरा दिया है. उन्होंने एथिक्स कमेटी की कार्रवाई को उनका चीरहरण करार दिया. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को लिखे पत्र में टीएमसी सांसद ने कहा कि एथिक्स कमेटी के चेयरमैन ने उनसे दुर्भावनापूर्ण और स्पष्ट रूप से अपमानजनक तरीके से सवाल करके पूर्वनिर्धारित पूर्वाग्रह का प्रदर्शन किया.

महुआ मोइत्रा ने अपने चिट्ठी में लिखा,  “मैं आज बहुत व्यथित होकर आपको पत्र लिख रही हूं एथिक्स कमेटी की सुनवाई में चेयरमैन ने मेरे साथ अनैतिक, घृणित और पूर्वाग्रहपूर्ण व्यवहार किया. मैं आपको अवगत कराना चाहता हूं कि उन्होंने समिति के सभी सदस्यों की उपस्थिति में मेरा “चीरहरण” किया है.” उन्होंने कहा कि समिति को खुद को आचार समिति कहने के बजाय किसी अन्य नाम से बुलाना चाहिए. क्योंकि इनमें कोई आचार और नैतिकता नहीं बची है.

महुआ ने कहा कि विषय से संबंधित प्रश्न पूछने के बजाय, चेयरमैन ने दुर्भावनापूर्ण और स्पष्ट रूप से मुझसे अपमानजनक तरीके से सवाल किए, यहां तक कि उपस्थित 11 सदस्यों में से 5 सदस्य बाहर चले गए और उनके शर्मनाक आचरण के विरोध में कार्यवाही का बहिष्कार किया.

बता दें कि मोइत्रा गुरुवार को ‘कैश-फॉर-क्वेरी’ मामले में संसद की आचार समिति (एथिक्स कमेटी) के सामने पेश हुईं थी. लेकिन बैठक के दौरान वह यह कहते हुए  बाहर आ गईं कि उनसे “स्क्रिप्टेड और गंदे सवाल पूछे गए. हालांकि, इस कैश फॉर क्वेरी मामले को संसदीय पैनल के सामने लाने वाले भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस सांसद ने सदन की आचार समिति में हुई घटनाओं पर झूठी कहानी फैलाने की कोशिश की.

मोइत्रा ने अडानी समूह को टारगेट करने के लिए रिश्वत ली
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा अध्यक्ष को 15 अक्टूबर को लिखे एक पत्र में आरोप लगाया था कि मोइत्रा द्वारा लोकसभा में हाल के दिनों तक पूछे गये 61 प्रश्नों में से 50 प्रश्न अडाणी समूह पर केंद्रित थे. इसके बाद महुआ मोइत्रा के ‘कैश-फॉर-क्वेरी’ मामले पर सवाल उठे थे. पत्र में आरोप लगाया गया था कि मोइत्रा ने अडानी समूह को टारगेट करने के लिए व्यवसायी दर्शन हीरानंदानी से रिश्वत ली थी. TMC सांसद महुआ मोइत्रा पर लगे ‘कैश फॉर क्वेरी’ के आरोप पर बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे का कहना है कि उन्होंने (महुआ मोइत्रा) जनता के सामने एक गलत नैरेटिव बनाने का प्रयास किया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आईटी मिनिस्ट्री ने कमेटी के बताया है कि महुआ की आईडी से दुबई से कम से कम 47 बार लॉगिन किया गया था. कमेटी ने बीते 26 अक्टूबर को हुई बैठक के बाद तीनों मंत्रालयों से जानकारी मांगी थी.

Tags: Loksabha Speaker, Mahua Moitra




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एडवोकेट अरविन्द जैन

संपादक, बुंदेलखंड समाचार अधिमान्य पत्रकार मध्यप्रदेश शासन

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