बारूद के मुहाने पर दहलने की तैयारी में छतरपुर

छतरपुर. बारूद के ढेर पर बैठा है छतरपुर जिला ! दमोह में हुई पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट की घटना से सबक लेता प्रशासन नजर नहीं आ रहा है।
जगह जगह अवैध पटाखों एवं नियम विरुद्ध तरीके से बने लाइसेंसों के माध्यम से पटाखा बनाने का अवैध कारोबार चल रहा है और जिला प्रशासन विधान सभा चुनाव में लगा लापरवाह बना हुआ है।
#जिला शस्त्र शाखा में बैठे बाबुओं ने पटाखा कारोबारियों से मिलीभगत करके अधिकारियों को गुमराह करके बनवाया क्षमता से अधिक के लाइसेंस बनवाए गये हैं।
#आश्चर्य की बात यह है कि बारूद का विस्फोटक खेल शहर के पॉश इलाके में भी चल रहा है और पटाखों के भंडारण एवं निर्माण का कार्य धड़ल्ले से हो रहा है। जिससे जन जीवन पर खतरा बना हुआ है।
#पिछले दिनों कार्यवाही करके प्रशासन ने बड़ी मात्रा में अवैध ढंग से भंडारित पटाखे जप्त किये थे। लेकिन जिला प्रशासन उससे कोई सबक सीखता नजर नहीं आया। जिससे बारूद के खतरनाक खेल में छतरपुर के दहलने का गंभीर खतरा बना हुआ है।
#विस्फोटक अधिनियम 2008 की हिंदी रूपांतरित किताब में त्रुटियों का फायदा उठाकर नियम से अधिक बारूद रखने का लाइसेंस जिला मजिस्ट्रेट से जारी करवाये गये हैं।
पटाखा कारोबरियों से मिलीभगत करके तात्कालिक समय में शस्त्र शाखा में कार्यरत कर्मचारियों ने विस्फोटक सामग्री के खूब लाइसेंस जारी करवाये हैं।
#देखा गया है छतरपुर शहर सहित जिले के कस्बाई इलाकों में भी व्यापक पैमाने पर अवैध ढंग पटाखा बनाने का कारोबार चल रहा है। कभी भी किसी बड़ी दुर्घटना का अंदेशा बना हुआ है। जिले में बने पटाखा लाइसेंसों की गहन निगरानी होनी चाहिए।