अजब गजब

बुढ़ापे में ऐसा जज्बा, दादी की उम्र में खूब कमा रही हैं पैसा, महज 5 साल की मेहनत, आज लाखों में कारोबार

Success Story: बिजनेस में सफल होने के लिए जरूरी नहीं है कि व्यक्ति बहुत पढ़ा-लिखा हो, क्योंकि यहां आपके आइडिया की वैल्यू है. देश में ऐसे कई बिजनेसमैन रहे हैं जिन्होंने ज्यादा पढ़ाई नहीं की, कुछ ने तो स्कूल का मुंह तक नहीं देखा फिर भी बिजनेस में बुलंदियों तक पहुंचे हैं. इसी लिस्ट में नाम आता है एक महिला उद्यमी का, जिसने छोटे-से गांव में रहने के बावजूद अपने दम पर लाखों का कारोबार खड़ा कर लिया. हैरानी की बात है कि यह महिला उद्यमी कभी स्कूल तक नहीं गई.

गुजरात से आने वाली नवलबेन चौधरी, एक ऐसी महिला हैं जो अपनी व्यावसायिक सूझबूझ से प्रति वर्ष लाखों रुपये कमाती हैं. रिटायरमेंट की उम्र के बाद भी नवलबेन एक प्रॉफिटेबल फर्म चला रही हैं और कई लोगों को रोजगार भी दे रही हैं.

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62 साल की उम्र में शुरू किया बिजनेस
गुजरात के बनासकांठा जिले की नवलबेन ने 62 साल की उम्र में दूध बेचने का व्यवसाय शुरू किया. हैरानी की बात है कि यह वह उम्र है जब लोग रिटायरमेंट लेकर काम करना छोड़ देते हैं, लेकिन नवलबेन अपने दूध के व्यवसाय से प्रति माह लाखों रुपये कमा रही हैं.

सालाना 1 करोड़ रुपये की सेल
हालांकि, बनासकांठा जिले के नगला गांव की रहने वाली नवलबेन के लिए डेयरी उद्योग की शुरुआत करना इतना आसान नहीं था. लेकिन तमाम चुनौतियों से पार पाते हुए उन्होंने यह कर दिखाया. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नवलबेन ने साल 2020 और 2021 में 1 करोड़ रुपये से ज्यादा का दूध बेचा. इससे वह महीने में 3.5 लाख रुपये से ज्यादा कमा रही हैं.

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नवलबेन पिछले 5 साल से यह बिजनेस चला रही हैं और सालाना 1 करोड़ रुपये से ज्यादा का दूध बेच रही हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 2021 में नवलबेन में 45 गाय और 80 से अधिक भैंसे मौजूद थीं, जो आसपास के कई गांवों की दूध की जरूरतों को पूरा करती थीं.

गुजरात में नवलबेन ने अपनी उपलब्धियों के चलते जिले में 3 बार सर्वश्रेष्ठ ‘पशुपालक’ पुरस्कार जीता. इसके अलावा, उन्हें 3 बार “लक्ष्मी” पुरस्कार भी मिल चुका है.

Tags: Business ideas, Business loan, Indian startups, Success Story


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एडवोकेट अरविन्द जैन

संपादक, बुंदेलखंड समाचार अधिमान्य पत्रकार मध्यप्रदेश शासन

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