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रूसी राष्‍ट्रपति पुतिन का खुलासा, कहा- वर्ल्‍ड वॉर के बाद नहीं लौटी अमेरिकी सेना, जर्मनी को बनाया गुलाम

नई दिल्‍ली. यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद से रूस- अमेरिका में तनाव और गहरा हो गया है. यूक्रेन की मदद कर रहे अमेरिका ने रूस पर कई प्रतिबंध लगाए हैं. इस बीच रूस के राष्‍ट्रपति व्‍लादिमीर पुतिन (Russian President Vladimir Putin) ने सनसनीखेज बयान देकर दुनिया को चौंका दिया है. पुतिन ने कहा है कि सेकंड वर्ल्‍ड वॉर (1 सितंबर 1939 – 2 सितंबर 1945) के बाद अमेरिका ने जर्मनी को अपना गुलाम बना लिया है. आज भी हजारों अमेरिकी सैनिक जर्मनी में मौजूद हैं. जर्मनी के कई शहरों में अमेरिकी डॉलर में लेन-देन होता है. पुतिन के खुलासे के बाद हड़कंप की स्थिति है. लेकिन यह जानना जरूरी है कि क्‍या वास्‍तव में ऐसी ही स्थिति है या पुतिन ने सिर्फ आरोप लगा दिए हैं.

सेकंड वर्ल्‍ड वॉर के अंतिम समय में रूस (सोवियत संघ ), ब्रिटेन और अमेरिका की सेना जर्मनी में थी और जब हिटलर ने खुदकुशी कर ली और जर्मनी हार गया. तब विजेता देशों की सेनाएं धीरे-धीरे वापस अपने देशों को लौट गईं, लेकिन अमेरिकी सेना नहीं लौटी. अमेरिका ने जर्मनी के साथ समझौता किया और शांति बनाए रखने के बहाने अगले 10 सालों तक लाखों अमेरिकी सैनिक वहीं जमे रहे. ऐसा अनुमान है कि अब भी हजारों अमेरिकी सैनिक जर्मनी में हैं. जबकि कई अमेरिकी सैनिकों ने वहीं अपनी कालोनियां बनाई हैं और वे परिवारों के साथ वहां रहने लगे हैं.

पूरे यूरोप में सबसे ज्‍यादा अमेरिकी सैनिक जर्मनी में
आंकड़ों को देखा जाए तो अमेरिका के लाखों सैनिक जर्मनी में रहे, लेकिन धीरे- धीरे इनकी संख्‍या कम की गई. अब करीब 33 हजार अमेरिकी सैनिक जर्मनी में तैनात हैं. अमेरिकी वायु सेना के 9500 से अधिक अफसर भी जर्मनी में हैं. इन सैन्‍य और वायु सेना के अफसरों को जर्मनी में परेशानी न आएं, इसके लिए उनके लिए अलग कालोनी बनाई गई और देश में ऐसा कई जगहों पर किया गया है. अलग- अलग जगहों पर तैनात अमेरिकी सैनिकों के कारण अब ये बसाहटें कई छोटे-छोटे शहर में बदल गई हैं. रेम्‍सटाइन शहर में स्‍कूल और शॉपिंग मॉल अमेरिका स्‍टाइल में बनाए गए हैं और यहां डॉलर करेंसी चलती है.

Tags: America, Germany, Russia ukraine war, Vladimir Putin


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एडवोकेट अरविन्द जैन

संपादक, बुंदेलखंड समाचार अधिमान्य पत्रकार मध्यप्रदेश शासन

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