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चाय को दोबारा गर्म करके क्यों नहीं पीना चाहिए

अक्सर अगर आप किसी चाय की टपरी या रेस्तंरा में चाय पीने जाते हैं तो वहां आपको पहले से रखी ठंडी चाय दोबारा गर्म करके दे दी जाती है. कई बार हम घर पर भी ऐसा ही करते हैं. ऐसा कभी भी नहीं करें, क्योंकि ये बहुत नुकसानदायक साबित हो सकता है.

अगर आप चाय को 4 घंटे से ज्यादा के लिए छोड़ देते हैं. फिर उसे दोबारा गर्म करके पीते हैं तो तुरंत रुक जाना चाहिए. बची हुई चाय में फफूंद और बैक्टीरिया जैसे रोगाणु विकसित होने लगते हैं. यह स्वास्थ्य को बड़ा नुकसान पहुंचा सकता है.

बैक्टीरिया पनपते हैं
41 से 140 डिग्री फ़ारेनहाइट के बीच गर्मी के संपर्क में आने वाली चाय में खाद्य विषाक्तता के बैक्टीरिया पनपते हैं. दूध वाली चाय के साथ मामला और भी बुरा है, जिसे दोबारा गर्म करने पर अप्रिय स्वाद और दानेदार बनावट भी आ सकती है. दूध की मौजूदगी से बैक्टीरिया तेजी से जमा होते हैं. केवल चाय को दोबारा गर्म करने से वे नहीं मरेंगे.

जरूरी तत्व और अच्छे यौगिक निकल जाते हैं
हर्बल चाय की बात करें तो इनके सभी पोषक तत्व और खनिज दोबारा गर्म करने पर खत्म हो जाते हैं. इसके अलावा चाय कई जरूरी तेलों और यौगिकों से युक्त होती है जो बहुत अधिक गर्मी के संपर्क में आने पर पूरी तरह खत्म हो जाते हैं. दोबारा गर्म करने इसके सभी खनिज और अच्छे यौगिक बाहर निकल जाते हैं. इस तरह इसे पीना खतरनाक हो जाता है.

पेट की बीमारियां हो सकती हैं
यदि आप चाय को दोबारा गर्म करने की आदत नहीं छोड़ते तो स्वास्थ्य कमजोर हो सकता है. पेट की खराबी, दस्त, ऐंठन, सूजन, मतली के साथ-साथ प्रमुख पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं. बहुत लंबे समय तक रखी हुई चाय में बहुत अधिक मात्रा में टैनिन रिलीज होता है, जो आगे चलकर कड़वा स्वाद पैदा करता है.

कैसे बनाना चाहिए
बहुत से लोग इस तथ्य से अवगत नहीं हैं कि चाय को कभी उबालकर नहीं बनाया जाता है. न ही कभी दूध और चीनी के साथ. सबसे पहले पानी को उबालकर आंच से उतार लिया जाता है. फिर चाय की पत्तियों को 3-4 मिनट के लिए ऐसे ही छोड़ दिया जाता है. इस प्रक्रिया को ‘ब्रूइंग’ के नाम से जानते हैं. यदि आप चाय की पत्तियों को पानी में उबालकर चाय बनाते हैं, तो यह पहले से ही अपने कई पोषण, स्वाद और सुगंध खो सकती है.

Tags: Health, Health benefit, Health tips, Science facts


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एडवोकेट अरविन्द जैन

संपादक, बुंदेलखंड समाचार अधिमान्य पत्रकार मध्यप्रदेश शासन

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