अजब गजब

This woman from Indore made instant dosa idli from millets.. Started with Rs 15000, now earning Rs 70 thousand per month.. – News18 हिंदी

राधिका कोडवानी/इंदौर. भारत में हरित क्रांति के बाद मशीनों और अधिक उपज वाले बीज आ गए, जिससे लोगों का रुझान चावल और गेहूं के उत्पादन के प्रति बढ़ गया. इसलिए मोटे अनाज की खपत और खेती दोनों सीमित हो गई. लेकिन 2022-23 में समय ने एक और करवट ली और बदली जलवायु परिस्थितियों के कारण मोटे अनाज का इस्तेमाल फिर से शुरू किया गया.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी तरह-तरह से लोगों को मोटे अनाज को खाने और उसका इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित करते हैं. ऐसे में अब मोटे अनाज को लेकर लोगों में अलग उत्साह दिख रहा है.लोकल 18 के जरिए आपको बताते हैं कि पीएम मोदी से प्रेरणा लेकर इंदौर की महिला उद्यमी प्रश्नना कांबले ने रागी, ज्वार समेत अन्य मोटे अनाजों और चुकंदर, पालक और गाजर की मदद से चिप्स, कुकीज समेत कई उत्पाद तैयार किए हैं. मोटे अनाजों से बने ये उत्पाद लोगों को बेहद पसंद भी आ रहे हैं.

मोटे अनाज वाले स्नैक्स
इंदौर के इमली बाजार में रहने वाली प्रश्नना कहती हैं कि पहले पापड़ का कारोबार थोड़ा बहुत चलता था, लेकिन सरकार का मिलेट्स वर्ष से लोगों की मांगे बदलनी लगी. ऐसे में मोटे अनाज का कारोबार शुरू किया. मोटे अनाज से कई तरह के स्नैक्स तैयार किए जा रहे हैं. जिनमें न तो मिलावटी शुगर और न ही किसी तरह के हार्मफुल केमिकल हैं. 30 से ज्यादा तरह के स्नैक्स हैं, जिसमें 15 तरह के बिस्किट ही हैं. फिर बाजरा पफ़्स (परमल), रागी पफ़्स भी हैं. इसमें इंस्टेट डोसा, इडली, खिचड़ी और दलिया का का साथ रागी का पास्ता भी बनाया.

75 हजार रुपए कमा रही है हर महीने
प्रश्नना बताती हैं कि स्वाद के साथ सेहत का ख्याल रखना भी जरूरत लगा.ऐसे में मैंने मिलेट्स से अपनी पहचान बनाए का सोचा है. शुरुआत में दिक्कत आई क्योंकि कुछ नए प्रयोग करने थे. जैसे मोटे अनाज के कुकीज और पापड़ तो आपने सुने होंगे. ये मीठे थे तो ऐसे में मुझे उसको चटकेदार और सेहतमंद बनाने का विचार आया. मिलेट्स बिजनेस के लिए सिर्फ 15000 रुपए खर्च किए, फिर 70- 75 हजार रुपए महीने का कारोबार हुआ. एक्जीबिशन स्टाल से प्रोडक्ट शहर का बाहर पहुंचता है, वैसे तो इंस्टा, फेसबूक जैसे सोशल मीडिया से ऑर्डर मिलते हैं. लोगों के रिव्यूज का मुताबिक भी बदलाव लाने की कोशिश है. रागी का उत्तपम, रागी की चिप्स भी हैं. इन खाद्य पदार्थों की डिमांड बहुत ज्यादा है.

Tags: Food 18, Indore news, Local18, Madhya pradesh news, Success Story


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एडवोकेट अरविन्द जैन

संपादक, बुंदेलखंड समाचार अधिमान्य पत्रकार मध्यप्रदेश शासन

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