Congress leaders offered flowers to Bapu | महात्मा गांधी की 154वीं जयंती मनाई गई; नर्मदा बचाओ आंदोलन के कार्यकर्ता भी हुए शामिल

बड़वानी20 मिनट पहले
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सोमवार यानी 2 अक्टूबर को गांधी जयंती पूरा देश राष्ट्रपिता महात्मा गांधी यानी कि बापू को याद कर रहा है, याद क्यों न करें। बापू की जयंती है देश की राजधानी दिल्ली में स्थिति राजघाट पर बापू के अस्थि कलश स्थापित है। जहां राष्ट्रपति प्रधानमंत्री सहित कई बड़े-बड़े राजनेता और हस्तियां बापू को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित करते है।
2 अक्टूबर को महात्मा गांधी की जयंती है और इस वर्ष 154वीं महात्मा गांधी की जयंती मनाई गई। महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने के साथ-साथ बड़वानी के कुकरा बसाहट में महात्मा गांधी के समाधि स्थल पर कांग्रेस के पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष राजन मण्डलोई सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। वहीं नर्मदा बचाओ आंदोलन के कार्यकर्ता भी शामिल हुए।

कार्यक्रम के उद्देश्य को लेकर लोगों का कहना है कि इस कार्यक्रम में उन महिला पुरुषों का सम्मान किया गया जो पिछले 36 वर्षों से आंदोलन से जुड़े हैं और गांधी की विचारधारा को आगे बढ़ाते हैं l
कांग्रेस के पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष राजन मंडलोई ने बताया कि बड़वानी में भी बापू की अस्थि कलश स्थापित है।

बड़वानी के समीप नर्मदा किनारे राजघाट और इस गांव का नाम ही बापू के राजघाट पर रखा गया है। लेकिन अफसोस आज बापू की समाधि वाला राजघाट अपना अस्तित्व खो चुका।
बरसों पुराना बापू के अस्थि कलश वाला राजघाट सरदार सरोवर बांध के बैक वाटर के कारण डूब में चला गया है।

इससे पहले राजघाट पर नर्मदा दर्शन स्नान और नर्मदा का मनोरम नजारा देखने आने वाले हर रोज यहां बापू को भी याद करते थे। बापू के समाधि स्थल पर हार फूल चढ़ाकर अपने साथ आए छोटे-छोटे बच्चों को बापू से जुड़े कुछ किस्से कहानी सुनाते थे।
अब राजघाट के डूब में आने के बाद अस्थि कलश को कुकरा बसाहट में स्थापित किया गया। जहां सिर्फ वर्ष में दो बार गांधी जयंती और गांधी जी की पुण्यतिथि पर बापू को याद किया जाता है। यहां राजघाट के मुकाबलें बहुत कम लोग देखने को मिलते हैं।
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