क्या ट्रेजरी बिल में पैसा लगाना है FD से ज्यादा फायदेमंद? कैसे करें T-Bill में निवेश, कितना मिलेगा रिटर्न?

हाइलाइट्स
ट्रेजरी बिल में न्यूनतम 25,000 रुपये का निवेश करना होता है.
टी-बिल्स में निवेश के लिए डीमैट अकाउंट की जरूरत होती है.
ट्रेजरी बिल का रिटर्न आमतौर पर एफडी से ज्यादा होता है.
नई दिल्ली. हर आदमी ऐसी जगह पैसे लगाना चाहता है, जहां उसे अच्छा रिटर्न तो मिले ही साथ ही उसका पैसा भी सुरक्षित रहे. पैसे की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के कारण ही हमारे देश में फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) कराने का ज्यादा चलन हैं. हालांकि, कुछ ऐसे निवेश विकल्प भी मौजूद हैं जिनमें एफडी से ज्यादा रिटर्न मिलता है लेकिन रिस्क ज्यादा होता है. अगर आप एफडी से ज्यादा ब्याज शार्ट टर्म में ही पाना चाहते हैं तो आपके के लिए ट्रेजरी बिल (Treasury bills) में पैसा लगाना सबसे अच्छा विकल्प है. इनमें पैसा डूबने का खतरा भी न के बराबर है. भारतीय रिजर्व बैंक हर हफ्ते ट्रेजरी बिल जारी करता है. लॉन्ग डेटेड बॉन्ड्स और ट्रेजरी बिल (T-Bills) में, पहले केवल बैंक या बड़े वित्तीय संस्थान ही निवेश कर सकते थे. लेकिन, अब रिटेल निवेशक भी इनमें पैसा लगा सकते हैं.
भारत सरकार को भी विकास कार्यों के लिए पैसे की जरूरत होती है तो वह भारतीय रिजर्व बैंक के पास जाती है. सरकार के इस कर्ज को आरबीआई बॉन्ड या ट्रेजरी बिल के रूप में नीलाम करता है. इसे आप भी व्यक्ति रूप से खरीद सकते हैं. इस तरह सरकार जो कर्ज ले रही है, उस कर्ज का एक हिस्सा आप भी सरकार को दे रहे हैं. इस पर निश्चित ब्याज मिलता है और तय समय पर मूलधन भी सरकार वापस कर देती है. सरकार 1 साल के भीतर जो कर्ज वापस करती है उसे ट्रेजरी बिल या टी-बिल कहा जाता है.
ट्रेजरी बिल के तीन प्रकार
ट्रेजरी बिल तीन तरह-91 दिन, 182 दिन और 364 दिन के होते हैं. टी-बिल को उनकी वास्तविक कीमत से डिस्काउंट पर जारी किया जाता है. मैच्योरिटी पर निवेशक को उनकी वास्तविक कीमत मिलती है. अगर किसी 91 दिन के टी बिल की वास्तविक कीमत 100 है और यह डिस्काउंट पर निवेशक को 97 पर मिलता है तो 91 दिनों के बाद मैच्योरिटी पर उसे 100 रुपये वापस मिलेंगे. इस तरह उसे 3 रुपये का मुनाफा होगा. ट्रेजरी बिल में न्यूनतम 25,000 रुपये का निवेश करना होता है.
खाते में आ जाएगा पैसा
ट्रेजरी बिल में निवेश के लिए भी डीमैट अकाउंट होना जरूरी है. मेच्योरिटी पर सरकार निवेशक के डीमैट एकाउंट से टी-बिल निकाल लेती है. इसे एक्सटिंग्वश्मेंट ऑफ सिक्योरिटी कहा जाता है. टी-बिल की वास्तविक कीमत निवेशक के डीमैट एकाउंट से जुड़े बैंक खाते में डाल दी जाती है. आमतौर पर 91 दिन के टी-बिल का रिटर्न 6% से 7.5% प्रतिशत के बीच में होती है. 31 मई, 2023 तक इसने 6.9 फीसदी रिटर्न दिया है. टी-बिल से हुई कमाई पर कोई टैक्स छूट नहीं मिलती है. टी-बिल से मिले रिटर्न को शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन माना जाता है. इस पर निवेशक को अपने टैक्स स्लैब के अनुसार आयकर भरना होता है.
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Tags: Bank FD, Business news in hindi, FD Rates, Investment tips, RBI
FIRST PUBLISHED : June 02, 2023, 11:53 IST
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