Complaint of teacher posted in CM Rise | राजनीतिक रसूख से लिया राष्ट्रपति पुरस्कार, जेल जाने की जानकारी छिपाई, सर्विस बुक में भी दर्ज नहीं

सागर43 मिनट पहले
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सम्मान वापस लेने व प्रमोशन वापस करने की मांग।
सीएम राइज एमएलबी क्रमांक 1 में पदस्थ शिक्षक की शिकायत कलेक्टर से की गई है। इसमें शिक्षक शीतलचंद जैन पर भृत्य व महिला शिक्षकों से दुर्व्यवहार करने का आरोप है। साथ ही एक पुराने मामले में जेल जाने की बात कही गई है। बताया कि शिक्षक ने जेल जाने की जानकारी छिपाकर राजनीतिक रसूख के सहारे राष्ट्रपति पुरस्कार हासिल कर लिया। अब सीएम राइज स्कूल में पदस्थापना ले ली है जबकि यह स्कूल लड़कियों का है।
शिकायत में कलेक्टर से कार्रवाई करने और राष्ट्रपति पुरस्कार वापस लेने व प्रमोशन राेकने की मांग की गई है। इस मामले में जांच भी शुरू हाे गई है। रेखा गाैड़ द्वारा की गई शिकायत में बताया है कि एमएलबी क्रमांक 1 में पदस्थ शिक्षक शीतलचंद जैन ने करीब 5 महीने पहले भृत्य संध्या और अन्य महिला शिक्षकों से दुर्व्यवहार किया था। इन्हें इस कारण निलंबित भी किया गया था। इससे पहले 1992 में सहायक शिक्षक पटना बुजुर्ग रहते हुए वे बलवा व मारपीट करने के आरोपी रहे हैं।
अपराध क्रमांक 210/92 धारा 147, 148, 323, 324 के तहत 11 सितंबर 1992 से 18 सितंबर 1992 तक उन्हें जेल भेजा गया था। जेल जाने के समय उन्होंने स्कूल में काेई सूचना नहीं दी। न ही सर्विस बुक में इसका उल्लेख है। जेल में रहने की अवधि का चिकित्सा प्रमाणपत्र लगाया गया है।
इसके बाद वर्ष 2000 में जानकारियां छिपाकर राजनीति रसूख व सिफारिशों पर राष्ट्रपति पुरस्कार लिया गया। इस कारण उन्हें प्रमोशन व वेतन वृद्धि का फायदा दिया गया।
रेखा गाैड़ ने जेल जाने वाले व दुर्व्यवहार के कारण निलंबित हाेने वाले शिक्षक काे सीएम राइज स्कूल में पदस्थ करने पर सवाल उठाए हैं। राष्ट्रपति सम्मान वापस लेने के साथ प्रमोशन व वेतनवृद्धि काे रद्द करने की मांग की है। साथ ही सीएम राइज जैसे स्कूल में पदस्थ न करने का आग्रह किया है।
शिकायत मेरे सामने नहीं आई : इस संबंध में प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद जैन ने बताया कि बीते कुछ दिनाें से स्थानांतरण सहित अन्य कार्यक्रमों के कारण व्यस्तता बढ़ गई थी, इन्हीं में लगे हुए थे। यह शिकायत मेरे सामने नहीं आई है।
शिक्षक ने नहीं दिया जवाब : शिकायत और रेखा गाैड़ द्वारा लगाए गए आराेपाें के संबंध में शिक्षक शीतलचंद जैन के मोबाइल पर संपर्क किया लेकिन नहीं हाे पाया। उन्हें वाट्सएप पर प्रश्न भेजकर जवाब चाहा गया। उन्होंने प्रश्न देखकर भी काेई जवाब नहीं दिया।
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