Bhopal girl’s murder case in Manali | दोस्त के साथ पहले भी मनाली गई थी युवती: उज्जैन, मथुरा, खाटूश्याम में भी बिताया वक्त; पिता बोले- तैयारी तो डोली में विदा करने की थी – Madhya Pradesh News

भोपाल की शीतल कौशल की मनाली में हत्या कर दी गई।
हिमाचल प्रदेश के मनाली में 15 मई को हुए भोपाल की युवती के मर्डर मामले में पुलिस उसके फ्रेंड से पूछताछ कर रही है। वहीं, परिजन युवती के शव को एम्बुलेंस से लेकर शुक्रवार को भोपाल के लिए रवाना हो गए, वे करीब 1200 किमी का सफर तय कर शनिवार को यहां पहुंचेंग
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पहले जानिए आरोपी ने पुलिस को क्या बताया
हरियाणा के पलवल निवासी विनोद ठाकुर को हिमाचल प्रदेश की मनाली पुलिस ने शुक्रवार को कुल्लू कोर्ट में पेश कर 5 दिन की रिमांड मांगी थी। कोर्ट ने 20 मई तक रिमांड पर भेज दिया। पुलिस पूछताछ में विनोद ने बताया कि शीतल से उसकी पहचान सोशल मीडिया के जरिए हुई थी। हम बीते साल दिसंबर में भी कुल्लू-मनाली घूमने गए थे। दोनों हिमाचल प्रदेश के अलग-अलग टूरिस्ट प्लेस पर कुछ दिन रुके भी थे। हालांकि, अभी तक वारदात के कारण का खुलासा नहीं हुआ है।
दोनों ने तीन शहरों में बिताए सात दिन
पुलिस पूछताछ में आरोपी विनोद ने बताया कि वह पलवल में डिलीवरी बॉय का काम करता है। 13 मई को मनाली पहुंचने से पहले दोनों उज्जैन में मिले थे। वहां से मथुरा गए और फिर खाटूश्याम के लिए निकल पड़े। 5 मई से 11 मई तक का समय दोनों ने इन्हीं तीन शहरों में गुजारा था। खाटूश्याम दर्शन के बाद बस से हम दोनों मनाली पहुंच गए। 15 मई को शीतल की हत्या कर दी। इसके बाद शव को बैग में भरकर ले जा रहा था तभी होटल के स्टाफ को शक हुआ। पूछताछ की तो मैं भाग निकला। शीतल से दोस्ती सोशल मीडिया पर चैटिंग से हुई थी। दोनों तीन साल से एक-दूसरे को जानते थे। उससे मिलने कई बार भोपाल जा चुका हूं।
कुल्लू-मनाली घूमने के बाद घर लौट गए
आरोपी ने पुलिस को बताया कि पिछली बार जब वह शीतल कौशल के साथ कुल्लू-मनाली घूमने आया था, तब दोनों के बीच किसी भी बात को लेकर विवाद नहीं हुआ था। हिमाचल प्रदेश में 4 दिन घूमने के बाद दोनों अपने-अपने घर लौट गए थे।
पिता बोले- बीते साल भी 10 दिन बाद लौटी थी बेटी
पिता कैलाश कौशल ने बताया कि बीते साल शीतल कौशल बिना बताए घर से चली गई थी। तब शाहपुरा पुलिस थाना में बेटी की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। वह 8-10 दिन तक गायब रहने के बाद खुद की मर्जी से वापस घर आ गई थी। इसके बाद उससे अचानक बिना बताए घर से जाने के बारे में सवाल-जवाब किए थे, लेकिन उसने कोई उत्तर नहीं दिया था।
शीतल सबसे छोटी बेटी थी। उससे बड़े दो बेटे हैं। बड़े बेटे की शादी हो चुकी है। जबकि छोटे बेटे अमित और बेटी शीतल की शादी की तैयारी घर में शुरू हो गई थी। शीतल के लिए भोपाल से बाहर लड़का खोज रहे थे। जबकि अमित के लिए भोपाल में लड़की की तलाश जारी थी। इस साल के आखिरी तक जिस बेटी को शीतल को डोली में विदा करने की तैयारी थी, लेकिन अब बेटी को अर्थी में विदा करना पड़ रहा है।
बेटी का शव रिश्तेदारों-पड़ोसियों से उधार लिए रुपए
कैलाश कौशल ने बताया कि मैं ऑटो चलाता हूं। एक बेटा ड्राइवर और दूसरा प्राइवेट जॉब करता है। परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। शुक्रवार को बेटी शीतल का शव मनाली से भोपाल लाने रिश्तेदारों और पड़ोसियों से रुपए उधार लिए। तब जाकर मनाली से भोपाल तक का एम्बुलेंस का किराया इकट्ठा कर सका हूं। एम्बुलेंस ऑपरेटर ने मनाली से भोपाल तक का किराया 37 हजार रुपए एडवांस में लिया है।
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मनाली के होटल में भोपाल की युवती की हत्या

मनाली के इसी होटल में दोनों रुके थे। युवती का शव छोड़कर आरोपी भाग गया था।
मनाली घूमने गई भोपाल की एक युवती की उसी के दोस्त ने होटल केडी विला के कमरा नंबर 302 में हत्या कर दी। शाहपुरा की शीतल कौशल की हत्या का खुलासा तब हुआ, जब उसका दोस्त विनोद ठाकुर होटल से चैक आउट करने लगा। बैग के बारे में जैसे ही होटल स्टाफ पूछताछ करने लगा वह भाग निकला। पूरी खबर यहां पढ़ें…
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