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सीतामढ़ी. सीतामढ़ी के एक लाल ने जो किया है उस वजह से हर ओर उसकी चर्चा हो रही है। दरअसल, उसके पिता जिस विभाग में जूनियर पद पर है। उसी विभाग में अधिकारी पद पर बेटा ने ज्वाइन किया है। हम बात कर रहे है सीतामढ़ी जिले के आजमगढ़ के रहने वाले वारंट ऑफिसर गणेश कुमार की। जो जूनियर कमीशन्ड ऑफिसर में दूसरी सबसे बड़ी रैंक है। वहीं इनके बेटे आयुष कुमार ने फ्लाइंग ऑफिसर यानी फाइटर पायलट के पद पर ज्वॉइन किया है। यह कमीशन्ड रैंक है। इसे एयरक्राफ्ट को उड़ाने वाले ऑफिसर्स के साथ ही ग्राउंड ड्यूटी ऑफिसर और एयर क्रू ऑफिसर्स भी होल्ड कर सकते हैं।
फाइटर पायलट या लड़ाकू पायलट एक सैन्य एविएटर होता है जिसे लड़ाकू विमान के कॉकपिट में हवा से हवा में लड़ाई, हवा से जमीन पर लड़ाई और कभी-कभी इलेक्ट्रॉनिक युद्ध में शामिल होने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है। अपने बेटे को अपने ही अधिकारी के रूप में देखकर पिता काफी खुश है।
पापा से बड़ा बनूंगा अधिकारी
आयुष की मां ज्योति बाला ने बताया कि आयुष का जन्म एयर फोर्स कैंप में ही हुआ है। करीब 5 साल से अधिक समय तक वह कैंप में रहा और उसे बचपन से पायलट बनने का शौख था। वह हमेशा कहता था कि मैं पापा से बड़ा अधिकारी बनूंगा। उन्होंने बताया कि साल 2007 में उनकी शिक्षिका के पद पर नौकरी हो गई। जिसके बाद वह अपने बेटे को लेकर सीतामढ़ी के डुमरा में रहने लगी। उन्होंने बताया कि आयुष की प्रारंभिक पढ़ाई सीतामढ़ी डीएवी स्कूल में हुई है। इसके बाद वह नालंदा सैनिक स्कूल से पढ़ाई कर एनडीए में सफलता हासिल की और बीते 15 जून को ही उसकी ज्वाइनिंग फ्लाइंग ऑफिसर के पद पर हुई है। उसकी मां ने बताया कि आयुष शुरू से ही मेधावी रहा है। कई बार प्रारंभिक स्कूल से लेकर सैनिक स्कूल तक कई मेडल प्राप्त किए हैं। आयुष की मां सीतामढ़ी जिले के बाजपट्टी प्रखंड के बोहा प्राइमरी स्कूल की शिक्षिका के पद पर है।
2020 में मिली सफलता
उनकी मां ने बताया कि उनका बेटा साल 2020 में आयोजित एनडीए की परीक्षा में पहले ही प्रयास में उत्तीर्ण कर इंडियन एयरफोर्स में पायलट के लिए चुन लिया गया। तीन साल तक एयर फोर्स एकेडमी हैदराबाद में अपनी प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद पायलट के लिए कमीशन्ड किए गए है। उन्होंने बताया कि आयुष का एक साथी कुणाल भी उसके साथ पायलट बना है। दोनों ही सीतामढ़ी के रहने वाले हैं। हालांकि, इस दोनों की मुलाकात सैनिक स्कूल से हुई थी। गया की तीन साल की कठिन ट्रेनिंग कर डुमरा प्रखंड आजमगढ़ निवासी गणेश कुमार के पुत्र आयुष इंडियन आर्मी में फाइटर पायलट और डुमरा संतोषी चौक निवासी अधिवक्ता विष्णुदेव शुक्ला के पुत्र कुणाल कुमार ट्रांसपोर्ट पायलट चुने गए हैं। दोनों को दो दिन पहले एयरफोर्स एकेडमी हैदराबाद में आयोजित समारोह में फ्लाइंग ऑफिसर के पद पर कमीशन्ड किया गया है।
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FIRST PUBLISHED : June 20, 2024, 09:44 IST
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