किसी महीने SIP का इंस्टॉलमेंट न दे पाएं तो क्या एसआईपी बंद हो जाएगी? बचाने के लिए क्या करना होगा

हाइलाइट्स
SIP के तहत हर महीने एक तय अमाउंट अकाउंट से कट जाता है.
रेगुलर सेविंग्स के लिए SIP को एक अच्छा ऑप्शन माना जाता है.
बार-बार इंस्टॉलमेंट मिस होने पर SIP कैंसिल हो सकती है.
नई दिल्ली. रेगुलर सेविंग्स के लिए सिस्टमैटिक इनवेस्टमेंट प्लान (SIP) को एक बढ़िया ऑप्शन माना जाता है. इनवेस्टमेंट का ये तरीका रेगुलर सेविंग की आदत भी डालता है और इनवेस्टमेंट पर अच्छा रिटर्न भी देता है. पर कई बार अकाउंट में पर्याप्त बैलेंस नहीं होता और इंस्टॉलमेंट मिस हो जाती है. पर इंस्टॉलमेंट मिस होने पर होता क्या है? क्या SIP बंद हो जाती है और SIP बंद हो जाने पर क्या करना होगा?
SIP का इंस्टॉलमेंट हर महीने आपके अकाउंट से ऑटो डेबिट होता है. इसलिए जरूरी है कि SIP की डेट पर आपके अकाउंट में कम से कम उतना पैसा होना जरूरी है जितना SIP में जाना है. ड्यू डेट पर स्टॉक ब्रोकर पेमेंट रिक्वेस्ट भेजता है, पैसे नहीं होने पर पेमेंट नहीं हो पाती है, इसे बैंक डिफॉल्ट के तौर पर देखता है क्योंकि आपने पहले ही तय तारीख पर एक तय अमाउंट काटने का अप्रूवल दे रखा है. ऐसे में हो सकता है कि बैंक आपसे पेमेंट डिफॉल्ट की पेनाल्टी ले सकता है.
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बार-बार मिस हुई SIP तो क्या होगा?
अगर लगातार 4 महीनों तक आपकी SIP का इंस्टॉलमेंट मिस होता है तो आपका SIP कैंसिल हो सकता है. पहले ये नियम 3 महीनों के लिए था पर अब नियम को रिवाइज करके 4 महीने के लिए किया गया है. SIP कैंसिल होने का मतलब ये है कि आप आगे उस SIP में पैसे इनवेस्ट नहीं कर सकेंगे. वहीं, जो अमाउंट आपने जमा किया है उसके मैच्योर होने के बाद आप उसे निकाल सकेंगे. इसमें हो सकता है कि शुरुआती प्लान की तुलना में आपको कम रिटर्न मिले.
SIP मिस न हो उसके लिए क्या करें?
– आपको ये सुनिश्चित करना होगा कि SIP की ड्यू डेट पर आपके अकाउंट में तय अमाउंट हो. ताकि पेमेंट डिफॉल्ट न हो. इसके साथ ही आप अपना बैंक अकाउंट रेगुलरली मॉनिटर करते रहें.
– कई बार लोग अकाउंट बैलेंस मेनटेन नहीं कर पाते हैं. सोर्स ऑफ इनकम का घट जाना या दूसरी जरूरतों में पैसे लग जाना आदि के चलते ऐसा हो सकता है. तो जब आप फाइनेंशियल क्राइसिस से गुज़र रहे हों तब आप अपने SIP को कैंसिल या पॉज कर सकते हैं. ज्यादातर फंड हाउस SIP को पॉज़ करने या टेम्पररिली स्टॉप करने का ऑप्शन देती हैं. जब आपके पास पैसे हों, तब आप अपने SIP को वापस रेज्यूम कर सकते हैं.
– कुछ म्यूचुअल फंड्स SIP को मोडिफाई करने का ऑप्शन भी देते हैं. इसमें आप SIP की अमाउंट बदल सकते हैं, फ्रीक्वेंसी बदल सकते हैं और पेमेंट की डेट भी बदल सकते हैं.
इन बातों को ध्यान में रखकर आप SIP मिस होने से रोक सकते हैं, इसके साथ ही ज़रूरी है कि आप अपने SIP की डेट अपने फाइनेंशियल साइकल के हिसाब से प्लान करें. ताकि, सैलरी या अकाउंट में पैसे आते ही आपकी SIP कट जाए. इससे आपकी रेगुलर सेविंग भी होती रहेगी और SIP कैंसिल होने का रिस्क भी नहीं होगा.
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Tags: Business news in hindi, Mutual fund, SIP, Systematic Investment Plan (SIP)
FIRST PUBLISHED : June 20, 2023, 14:40 IST
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