अजब गजब

इस लड़के के बिजनेस पर है रतन टाटा का हाथ, खड़ी कर दी ₹500 करोड़ की कंपनी, चल पड़ा उनकी ही राह पर

हाइलाइट्स

इस कंपनी के जरिए लोगों को 90 फीसदी तक की सस्ती दवा मिल रही है.
अर्जुन का कहना है कि हमारा लक्ष्य लाखों परिवारों को सस्ती हेल्थकेयर उपलब्ध कराना है.
अर्जुन देशपांडे आज करीब 500 करोड़ की वैल्यू वाली एक कंपनी के मालिक हैं.

नई दिल्ली. रतन टाटा (Ratan Tata) का नाम कौन नहीं जानता. भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में उनकी सक्सेस का डंका बजता है. बिजनेस के साथ साथ अपने सोशल वर्क और उदार स्वभाव के कारण भी रतन टाटा काफी लोकप्रिय हैं. वे हमेशा देश के युवा उद्यमियों की मदद के लिए तैयार रहते हैं. कहते हैं जिसके सिर पर रतन टाटा का हाथ हो वो व्यक्ति भी उनकी तरह आसमान की बुलंदियों को छूने लगता है. आज हमने ऐसे ही एक इंटरप्रन्योर अर्जुन देशपांडे (Arjun Deshpande) से बात कर रहे हैं, जिन पर खुद रतन टाटा ने भरोसा जताया और उन्होंने इस भरोसे को सही साबित किया है.

अर्जुन ने महज 16 साल की उम्र में लोगों को सस्ती दवा मुहैया कराने के लिए ‘जेनरिक आधार’ (Generic Aadhaar) नाम की कंपनी की शुरुआत कर दी थी. मुंबई बेस्ड स्टार्टअप की शुरुआती मदद के लिए रतन टाटा आगे आए थे. आज ‘जेनरिक आधार’ के देशभर में कई फ्रेंचाइजी चेन है. 21 वर्षीय अर्जुन देशपांडे आज करीब 500 करोड़ की वैल्यू वाली एक कंपनी के मालिक हैं.

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लालच से नहीं मिलती सफलता
रतन टाटा को दौलत का कोई लालच नहीं है, यही वजह है कि उन्होंने अपनी पूरी संपत्ति का 65 फीसदी हिस्सा अपने चैरिटी में दे दिया है. हर मुनाफे पर वह इतना हिस्सा दान करते हैं. इसी तरह आम आदमी तक सस्ते दामों में दवाइयां पहुंचाने के लिए अर्जुन ने भी जी जान से कोशिश की. अर्जुन ने बताया कि जब मैंने उन्हें जेनेरिक आधार के बारे में बताया तो उनका कहना था कि अर्जुन ये देश की दिशा बदल देगा, आम आदमी के हित में यह समूचे ईकोसिस्टम को बदल देगा. तो मुझे लगता है कि आज देश बदल रहा है और जेनेरिक आधार के माध्यम से हम उनका सपना पूरा कर सकते हैं.

मिलती है 90 फीसदी तक सस्ती दवा
इस कंपनी के जरिए लोगों को 90 फीसदी तक की सस्ती दवा मिल रही है. सस्ती दवा बेचने वाली अर्जुन देशपांडे की कंपनी ‘जेनरिक आधार’ का कहना है कि उन्होंने बिचौलियों को हटा दिया है. ऐसे में दवाइयों की लागत में कमी दर्ज की गई है. ऐसे में जो दवा कंपनियों द्वारा 110 रुपये प्रति स्ट्रीप में बेची जाती है वह जेनरिक आधार केवल 5 रुपये प्रति स्ट्रीप में बेच रही है.

बुजुर्गों और पेंशनभोगियों को कम कीमत में मिले दवाई
अर्जुन देशपांडे का कहना है कि उनका यूनिक बिजनेस मॉडल बाजार में मौजूद सभी कंपनियों के लिए फायदेमंद साबित होगा और हमारा लक्ष्य लाखों परिवारों को सस्ती हेल्थकेयर उपलब्ध कराना है. हमारा मिशन बुजुर्गों और पेंशनभोगियों को जरूरत की दवाई कम से कम कीमत में उपलब्ध करना है. कंपनी का कहना है कि आने वाले दिनों में वह गुजरात, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, नई दिल्ली, गोवा और राजस्थान जैसे राज्यों में 1000 फार्मेसी के साथ पार्टनरशिप करेगी और सस्ती दवा बेचेगी. जेनरिक आधार अनऑर्गेनाइज्ड सेक्टर को तकनीक के जरिए मदद करेगी. कंपनी में 55 कर्मचारी हैं जिसमें फार्मासिस्ट, आईटी इंजीनियर और मार्केटिंग प्रोफेशनल्स हैं.

Tags: Ratan tata, Success Story, Tata, Tata steel


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एडवोकेट अरविन्द जैन

संपादक, बुंदेलखंड समाचार अधिमान्य पत्रकार मध्यप्रदेश शासन

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