कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह से मुझे जान का खतरा है: राजेश प्रजापति

मुख्यमंत्री के संज्ञान में आया विधायक चंदला का मामला
छतरपुर। भारतीय जनता पार्टी के चंदला विधायक राजेश प्रजापति ने छतरपुर कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह पर यह आरोप लगाया है कि छतरपुर कलेक्टर उन्हें निपटा सकते हैं। इस संबंध में विधायक ने प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं प्रभारी मंत्री को इसकी विधिवत सूचना दे दी है। विधायक के द्वारा बताया गया कि छतरपुर कलेक्टर के बंगले पर हम एक आवेदन लिखित लेकर विभिन्न मांगों का गए थे परंतु कलेक्टर की कार्यशैली और उनका व्यवहार ठीक न होने के कारण हमने अपना लिखित आवेदन कलेक्टर को नहीं सौंपा था। जिसकी जानकारी हमने प्रदेश के भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारियों को दे दी है। प्रजापति ने कलेक्टर को जो पत्र लिखा था वह दिनांक 9 तारीख का था। अपने विधानसभा क्षेत्र में नामांतरण, सीमांकन, रिकार्ड सुधार संबंधी फाइलों के पेंडिंग होने की जानकारी उल्लेखित की थी। इसके अलावा पीएम आवास में मजदूरी, मनरेगा का भुगतान समय सीमा में न होने से आवास निर्माणों में हो रही देरी एवं आवास अधूरे पड़े होने की जानकारी के संबंध में उल्लेख था। सहकारी समिति माधवपुर में वर्ष 2009-10 की खाद वर्तमान समय में वितरण की सूचना प्राप्त हुई की जांच करवाकर संबंधित के खिलाफ कार्यवाही किए जाने की मांग की। विधानसभा क्षेत्र में मनरेगा योजना के तहत पिछले दो तीन वर्षों में सडक़ का निर्माण कार्य की स्वीकृति प्रदान नहीं हुई है जिसकी छोटे छोटे मजरे टोलों में रह रहे लोगों को आगमन में परेशानी हो रही है कृपया सुदूर सडक़ स्वीकृत की जाए। भू आवंटन के पट्टों की भूमि को सरकारी रिकार्डों में चढ़वाने की कार्यवाही की जाए जिससे क्षेत्र के किसानों को पीएम सम्माननिधि योजना का लाभ मिल सके। विधानसभा क्षेत्र में कई ग्रामों में रेत के अवैध भंडारण (डंप) पड़े हुए हैं सभी भंडारो को जब्त करने की कार्यवाही की जाए। इन विभिन्न समस्याओं को लेकर चंदला विधायक कलेक्टर से मिलने के लिए गए थे। जब कलेक्टर ने कलेक्टर कार्यालय में समय नहीं दिया तो विधायक के द्वारा बंगले पर जाने से पहले कलेक्टर के लिए एक बुके एवं अच्छे किस्म की मिठाई ली। किंतु कलेक्टर बंगले पर जाने के बाद कलेक्टर के द्वारा जो व्यवहार राजेश प्रजापति विधायक के साथ किया गया उससे क्षुब्द होकर मजबूरन उन्हें धरने पर बैठना पड़ा। हालांकि धरने पर बैठने के बाद मीडिया में खबरे प्रकाशित होने के बाद प्रदेश अध्यक्ष बीडी शर्मा एवं राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने विधायक राजेश प्रजापति से दूरभाष पर चर्चा की। उन्होंने अपनी पीड़ा से अवगत कराया। वहीं दूसरी ओर कलेक्टर के द्वारा बंगले में होने के बावजूद भी लगभग पांच घंटे बाद कलेक्टर विधायक से मिलने बंगले से बाहर निकले। आखिरकार जनप्रतिनिधियों का इस तरह का अपमान होना प्रदेश की सरकार की कार्यशैली पर प्रश्र चिन्ह लगाता है। प्रदेश के किसी कलेक्टर के बंगले पर सत्ताधारी पार्टी के विधायक ने आज तक धरना प्रदर्शन नहीं किया परंतु छतरपुर कलेक्टर के द्वारा जनप्रतिनिधियों की लगातार की जा रही उपेक्षा एवं अपमानित जैसी कार्यशैली से परेशान होकर आखिरकार सत्ताधारी विधायक ने यह कदम उठाया है। आज प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शाम पांच बजे चंदला विधायक को मिलने का समय दिया है और संभवत: मुख्यमंत्री के मिलने के बाद छतरपुर कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह और चंदला विधायक राजेश प्रजापति के बीच का विवाद सुलझ जाए लेकिन विवाद इतना बढ़ चुका है कि इसे सुलझाने में संगठन और सत्ता से जुड़े वरिष्ठ नेताओं को हस्तक्षेप करना पड़ेगा। फिलहाल छतरपुर कलेक्टर की कार्यशैली से छतरपुर जिले के दोनों भाजपा विधायक अच्छे खासे परेशान हैं। अपनी पीढ़ा किसी को नहीं बता पा रहे हैं। इस संबंध में जिले के प्रभारी मंत्री ओमप्रकाश सखलेचा से दूरभाष पर चर्चा हुई तो उन्होंने इस संबंध में अभी कोई भी बयान नहीं दिया और मामला मुख्यमंत्री से चर्चा करने की बात कही।