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वह महज़ 15 साल का एक लड़का था. जींस और स्नीकर्स पहनता, वीडियो गेम खेलता, कंप्यूटर कोडिंग करता और दोस्तों के साथ स्कूल जाता. लेकिन इस साधारण-सी दिखने वाली जिंदगी के पीछे छुपी थी एक असाधारण शक्ति, जिसे अब कैथोलिक चर्च संत का दर्जा देने जा रही है.
बीमारी को छूकर कर देता था दूर
कार्लो एक्युटिस का नाम कई चमत्कारों से जुड़ा है. चर्च के अनुसार, दो मेडिकली वेरिफाइड चमत्कारों ने उनकी संत बनने की राह साफ कर रही. कार्लो ने पहला चमत्कार ब्राज़ील के एक बच्चे पर दिखाया. वह जन्मजात बीमारी के कारण सामान्य खाना नहीं खा सकता था, उस पर जब कार्लो के नाम पर प्रार्थना की गई, तो वह चमत्कारी रूप से ठीक हो गया.
जींस और स्नीकर्स वाला संत
कार्लो को लोग ‘ईश्वर का एन्फ्लूएंसर’ भी कहते थे. वह इंटरनेट और तकनीक की दुनिया में माहिर था. उसने कैथोलिक चमत्कारों की वेबसाइट बनाई ताकि पूरी दुनिया इन घटनाओं को जान सके. यही नहीं, कार्लो ने अपने पॉकेट मनी से मिलान की सड़कों पर बेघरों की मदद की.
20 साल बाद संत का दर्जा
युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा
कार्लो की मां एंटोनिया साल्ज़ानो ने एक इंटरव्यू में कहा, ‘कार्लो एक आम बच्चा था. लेकिन उसमें खास बात थी कि उसने अपने जीवन में सबसे पहले यीशु को जगह दी. उसी ने उसे असाधारण बना दिया.’
आज जब दुनिया भर के युवा धार्मिकता और आध्यात्मिकता से जुड़ने के नए रास्ते खोज रहे हैं, कार्लो एक्युटिस उनमें से कई के लिए एक आदर्श बन गया है. एक ऐसा संत जो जींस पहनता है, तकनीक में निपुण है और आज के जमाने की भाषा बोलता है.
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