Out of 29 seats in MP, BJP is winning 25 seats, Congress is winning 4, know which seats BJP is losing | MP की 29 सीटों पर एक्सपर्ट पोल: बीजेपी को 25 सीटों पर बढ़त, कांग्रेस को 4 पर; जानिए किस सीट पर क्या अनुमान – Madhya Pradesh News

मध्यप्रदेश में क्या बीजेपी पिछला प्रदर्शन दोहरा पाएगी? क्या छिंदवाड़ा सीट पर जीत मिलेगी ? इन सभी सवालों का जवाब 4 जून को मिलेगा लेकिन, उससे पहले दैनिक भास्कर ने मप्र के करीब 130 वरिष्ठ पत्रकार और राजनीति विश्लेषकों से जाना कि मप्र में किसे कितनी सीटे
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2019 के चुनाव में मप्र की 29 में से 28 सीटें बीजेपी ने जीती थीं। एक मात्र सीट छिंदवाड़ा कांग्रेस के खाते में थी। यानी एक्सपर्ट के मुताबिक पिछले चुनाव के मुकाबले बीजेपी को 3 सीटों का नुकसान और कांग्रेस को तीन सीटों का फायदा होता दिख रहा है।
अनुमान सीनियर जर्नलिस्ट और राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक।
जानिए हर सीट के बारे में वहां के सीनियर जर्नलिस्ट और राजनीतिक विश्लेषकों का अनुमान..
छिंदवाड़ा: कांग्रेस की बढ़त बरकरार
वजह : एक्सपर्ट पैनल में शामिल पांचों वरिष्ठ पत्रकारों का मानना है कि छिंदवाड़ा में कांग्रेस की बढ़त बरकरार रहेगी। जर्नलिस्ट राकेश प्रजापति के मुताबिक में बीजेपी पूरी ताकल लगाई। मालवा के पैटर्न पर चुनाव लड़ा, दलबदल को प्राथमिकता दी। मगर, इसका बीजेपी को फायदा नहीं हुआ। लोगों के बीच नकुलनाथ के प्रति सहानुभूति दिखाई दी। बीजेपी में शामिल कांग्रेस नेताओं की वजह से बीजेपी प्रत्याशी बंटी साहू को नुकसान हुआ है।
एक्सपर्ट पैनल: रत्नेश जैन, राकेश प्रजापति, आशीष मिश्रा, सुधीर दुबे व राजेश करमेले ( सभी छिंदवाड़ा के वरिष्ठ पत्रकार)

बालाघाट: बीजेपी को जातिगत समीकरणों का फायदा
वजह: एक्सपर्ट पैनल में शामिल पांचों वरिष्ठ पत्रकारों का कहना है कि बीजेपी की इस सीट पर बढ़त बरकरार है। सीनियर जर्नलिस्ट सोहन वैद्य कहते हैं कि भले ही बसपा के कंकर मुंजारे की वजह से त्रिकोणीय मुकाबला कहा जा रहा था, मगर इसका असर नहीं दिखा। बीजेपी को जातिगत समीकरणों का फायदा मिलता दिख रहा है। वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस का प्रचार अभियान कमजोर रहा है।
एक्सपर्ट पैनल: सोहन वैद्य, उमेश बागरेचा, अरविंद अग्रिहोत्री, योगेश कुमार गौतम, रूपेश श्रीवास्तव (सभी बालाघाट के वरिष्ठ पत्रकार)
मंडला: बीजेपी को बढ़त, अंतर कम होगा
वजह: पांच वरिष्ठ पत्रकारों में से तीन का कहना है कि मंडला सीट पर बीजेपी प्रत्याशी फग्गन सिंह कुलस्ते के खिलाफ एंटी इन्कम्बेंसी थी। मगर, इसका ज्यादा फायदा नजर नहीं आया। सीनियर जर्नलिस्ट सुधीर उपाध्याय कहते हैं कि गोंडवाना गणतंत्र पार्टी मुकाबला त्रिकोणीय नहीं बना सकी। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी ओमकार सिंह डिंडौरी और मंडला में प्रभावी रहे। कांग्रेस संगठन मजबूती से चुनाव नहीं लड़ा।
एक्सपर्ट पैनल: सुधीर उपाध्याय, चंद्रेश खरे, विमलेश मिश्रा, जावेद खान और रामकुमार चौरसिया( सभी मंडला के वरिष्ठ पत्रकार)
सागर: चेहरा बदलने से बीजेपी को फायदा
वजह: एक्सपर्ट पैनल में शामिल पांचों वरिष्ठ पत्रकारों का कहना है कि सागर में बीजेपी ने चेहरा बदला तो उसे फायदा होता नजर आ रहा है। वरिष्ठ पत्रकार डॉ. अशोक पन्या का मानना है कि बीजेपी को बढ़त मिल सकती है, मगर पिछली बार के मुकाबले अंतर कम होगा। कांग्रेस के उम्मीदवार ने पूरी ताकत से चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें संगठन का साथ नहीं मिला।
एक्सपर्ट पैनल: स्वदेश तिवारी, डॉ. अशोक पन्या, रजनीश जैन, डॉ. आशीष द्विवेदी, देवदत्त दुबे( सभी सागर के वरिष्ठ पत्रकार)

विदिशा: बीजेपी की बढ़त बरकरार, मार्जिन भी बढ़ेगा
वजह : एक्सपर्ट पैनल में शामिल पांचों पत्रकारों के मुताबिक यहां पहले दिन से बीजेपी के मार्जिन को लेकर ही चर्चा थी। बीजेपी ने 4 बार के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को टिकट दिया, लेकिन कांग्रेस ने यहां से पूर्व सांसद रहे प्रताप भानु शर्मा को मैदान में उतारा, जो लंबे समय से राजनीति से दूर है। सीनियर जर्नलिस्ट डॉ. शैलेंद्र कटारिया कहते हैं कि कांग्रेस का संगठन भी कमजोर दिखाई दिया है।
एक्सपर्ट पैनल: डॉ. शैलेंद्र कटारिया, सचिन तिवारी, अमित श्रीवास्तव, राकेश मीणा, विनय सक्सेना( सभी विदिशा के वरिष्ठ पत्रकार)
राजगढ़: एक्सपर्ट पैनल में शामिल पांच में तीन की राय- बीजेपी को बढ़त
वजह: एक्सपर्ट पैनल में शामिल पांच वरिष्ठ पत्रकारों में से तीन का मानना है कि यहां दिग्विजय के मैदान में उतरने से मुकाबला बराबरी का रहा है, लेकिन आखिरी समय में बीजेपी को बढ़त मिल सकती है। सीनियर जर्नलिस्ट गोविंद बड़ोने का कहना है कि कांग्रेस ने बूथ लेवल पर मजबूती से चुनाव लड़ा। इसका फायदा कांग्रेस को मिल सकता है।
एक्सपर्ट पैनल: गोविंद बड़ोने, कमल खस, भानु ठाकुर, राजेश शर्मा, मुकेश शर्मा( सभी राजगढ़ के वरिष्ठ पत्रकार)
भोपाल: बीजेपी को बढ़त मिलना तय
वजह : एक्सपर्ट पैनल में शामिल पांचों सीनियर जर्नलिस्ट के मुताबिक भोपाल सीट बीजेपी का गढ़ है, ऐसे में नतीजे पिछले चुनाव की तरह ही हो सकते हैं। सीनियर जर्नलिस्ट अरुण दीक्षित कहते हैं कि कांग्रेस ने बीजेपी की तुलना में कमजोर उम्मीदवार मैदान में उतारा था। कांग्रेस के सामने लीडरशिप का भी संकट नजर आया। वहीं एक्सपर्ट ने ये भी कहा कि वोटों के ध्रुवीकरण का फायदा बीजेपी को मिलेगा।
एक्सपर्ट पैनल: एन के सिंह, अरुण दीक्षित, दिनेश गुप्ता, मृगेंद्र सिंह, संजय सक्सेना( सभी भोपाल के वरिष्ठ पत्रकार)

बैतूल: कांग्रेस की गुटबाजी से फायदे में बीजेपी
वजह: पैनल में शामिल पांचों सीनियर जर्नलिस्ट बीजेपी को बढ़त मिलने की दो वजह बताते हैं। पहला मोदी फैक्टर यहां हावी रहा, जबकि कांग्रेस बिना किसी मुद्दे के मैदान में उतरी। सीनियर जर्नलिस्ट अनिल सिंह ठाकुर कहते हैं कि कांग्रेस में गुटबाजी हावी रही जिसका फायदा बीजेपी को मिल सकता है। बीजेपी उम्मीदवार के विरोध के बाद भी संगठन ने मजबूती से चुनाव लड़ा।
एक्सपर्ट पैनल: अनिल सिंह ठाकुर, विनय वर्मा, नवनीत गर्ग, मयंक भार्गव, बृजकिशोर पांडे( एडवोकेट)( सभी बैतूल के वरिष्ठ पत्रकार)
होशंगाबाद: मार्जिन कम होगा, लेकिन बीजेपी को बढ़त
वजह: एक्सपर्ट पैनल में शामिल पांचों वरिष्ठ पत्रकारों के मुताबिक होशंगाबाद अब बीजेपी का गढ़ बन चुका है। हालांकि, बीजेपी ने पूरी ताकत से चुनाव नहीं लड़ा, मगर बढ़त बीजेपी को ही है। सीनियर जर्नलिस्ट प्रमोद पगारे मानते हैं कि कांग्रेस ने पूर्व विधायक को टिकट दिया, मगर संगठन के तौर पर कांग्रेस कमजोर नजर आई और मुकाबले में भी नजर नहीं आई।
एक्सपर्ट पैनल: प्रमोद पगारे, सुधांशु मिश्र, जम्मू सिंह उप्पल, कमलेश चौधरी( सभी होशंगाबाद के वरिष्ठ पत्रकार)
सतना: बसपा के नारायण से बीजेपी ही फायदे में
वजह: सतना में त्रिकोणीय मुकाबला हुआ। बसपा के नारायण त्रिपाठी ने वोटों में सेंधमारी की। एक्सपर्ट पैनल में शामिल पांच वरिष्ठ पत्रकारों में से 4 का मानना है कि इसका फायदा कांग्रेस की बजाय बीजेपी को ज्यादा मिलेगा। सीनियर जर्नलिस्ट संजय पयासी कहते हैं त्रिकोणीय मुकाबला होने की वजह से नतीजे चौंकाने वाले हो सकते हैं।
एक्सपर्ट पैनल:अशोक शुक्ला, संजय लोहानी, रमाशंकर शर्मा, शिवेंद्र सिंह, संजय पयासी (सभी सतना के वरिष्ठ पत्रकार)

खजुराहो: एकतरफा मुकाबले में बीजेपी को बढ़त
वजह: एक्सपर्ट पैनल में शामिल पांचों सीनियर जर्नलिस्ट के मुताबिक इंडी गठबंधन की उम्मीदवार मीरा यादव का नामांकन निरस्त होने के बाद से ही चुनाव एकतरफा हो गया था। सीनियर जर्नलिस्ट डॉ. मुराद अली कहते हैं कि कांग्रेस ने भले ही फॉरवर्ड ब्लॉक के उम्मीदवार को समर्थन दिया, मगर कार्यकर्ताओं में जोश ही नजर नहीं आया। सुनील पांडे का कहना है कि चुनाव में बीजेपी को बढ़त मिलेगी इस पर किसी को संशय नहीं है।
एक्सपर्ट पैनल:डॉ. मुराद अली, मुख्तार खान, राजीव शुक्ला, सुनील पाण्डे और अशोक नामदेव (सभी खजुराहो के वरिष्ठ पत्रकार)
दमोह: बीजेपी की राह आसान
वजह: दमोह में बीजेपी के राहुल लोधी की राह आसान दिख रही है। एक्सपर्ट पैनल में शामिल पांचों वरिष्ठ पत्रकारों का कहना है कि कांग्रेस शुरू से ही मुकाबले में पिछड़ी हुई थी। पीएम मोदी के दौरे ने बीजेपी प्रत्याशी की राह और आसान की है। वहीं सीनियर जर्नलिस्ट नरेंद्र दुबे कहते हैं कि बीजेपी के सभी नेता भी एकजुट नजर आए। दूसरी तरफ कांग्रेस बुनियादी मुद्दों को चुनावी मुद्दा बनाने में कामयाब नहीं हुई।
एक्सपर्ट पैनल: नरेंद्र दुबे, नारायण सिंह, शांतनु भारत, शंकर दुबे और आकाश तिवारी( सभी दमोह के वरिष्ठ पत्रकार)
रीवा: कम वोटिंग से सिर्फ मॉर्जिन घटेगा, बीजेपी को बढ़त
वजह: मप्र में सबसे कम 49.42% वोटिंग रीवा में हुई है। एक्सपर्ट पैनल में शामिल पांचों वरिष्ठ पत्रकारों का कहना है कि इसका असर नतीजों पर नहीं पड़ेगा। बीजेपी की बढ़त बरकरार रहेगी। सीनियर जर्नलिस्ट जावेद खान कहते हैं कि इससे बीजेपी का वोट पर्सेंट कम हो सकता है, मगर बीजेपी के नेताओं ने जो एकजुटता दिखाई है, उसकी वजह से उसे बढ़त मिलती दिख रही है।
एक्सपर्ट पैनल: जयराम शुक्ल, जावेद खान, विजय विश्वकर्मा, मनोज तिवारी, राकेश येंगल ( सभी रीवा के वरिष्ठ पत्रकार)

टीकमगढ़:मोदी के चेहरे का फायदा बीजेपी को
वजह: एक्सपर्ट पैनल में शामिल पांचों पत्रकारों के मुताबिक पीएम मोदी के चेहरे पर चुनाव लड़ा गया, जिसका फायदा बीजेपी को मिलता दिख रहा है। वरिष्ठ पत्रकार मनोज बाबू चौबे कहते हैं कि कांग्रेस बेहद कमजोर नजर आई। कांग्रेस के पंकज अहिरवार का मुकाबला आठ बार के सांसद वीरेंद्र खटीक था। वहीं राजेंद्र अध्वर्यु कहते हैं कि अहिरवार ने स्थानीय मुद्दों पर चुनाव लड़ा, लेकिन इसका असर नहीं दिखा।
एक्सपर्ट पैनल:मनोज बाबू चौबे, राजेंद्र अध्वर्यु, अनिल रावत, मनीष असाटी, यशोवर्धन ( सभी टीकमगढ़ के वरिष्ठ पत्रकार)
इंदौर: नोटा की अपील के बावजूद बीजेपी को बढ़त
वजह: इंदौर में कांग्रेस की नोटा की अपील के बीच वोटिंग प्रतिशत 61.67 फीसदी रहा है। जो पिछली बार के मुकाबले 8 फीसदी कम रहा। एक्सपर्ट पैनल में शामिल पत्रकारों का कहना है कि इसके बाद भी बीजेपी को बढ़त मिलती दिखाई दे रही है। राजनीतिक विश्लेषक मनोज अग्रवाल कहते हैं कि कांग्रेस का प्रत्याशी मैदान में नहीं था। लोगों में वोटिंग को लेकर ज्यादा उत्साह दिखा नहीं। इसके बाद भी बीजेपी का मार्जिन भी पिछली बार से ज्यादा हो सकता है।
एक्सपर्ट पैनल : अरविंद तिवारी, राकेश चौहान, मनोज अग्रवाल (सभी इंदौर के वरिष्ठ पत्रकार)

देवास: बीजेपी के लिए राह मुश्किल नहीं
वजह : एक्सपर्ट पैनल में शामिल वरिष्ठ पत्रकारों का मानना है कि देवास आरएसएस का गढ़ रहा है इसलिए इसका फायदा बीजेपी को मिल सकता है। सीनियर जर्नलिस्ट शिव जाजू कहते हैं कि मालवीय-मुस्लिम समाज का वोट कांग्रेस को मिल सकता है। शकील खान कहते हैं कि बीजेपी की लीड इस बार कम हो सकती है।
एक्सपर्ट पैनल : शिव जाजू, श्रीकांत उपाध्याय, शकील खान ( सभी देवास के वरिष्ठ पत्रकार)
धार : भोजशाला ने आसान की बीजेपी की राह
वजह: वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र डालके कहते हैं कि 90% वोटर ग्रामीण क्षेत्र के हैं। कांग्रेस के पास 5 विधायक थे इसलिए अच्छा मुकाबला किया। बावजूद, मोदी, राम मंदिर, हिंदुत्व के बाद भोजशाला ने BJP की राह आसान कर दी है। वहीं अशोक शास्त्री का मानना है कि कांग्रेस सक्रिय नजर नहीं आई। वह आपसी खींचतान में पिछड़ गई।
एक्सपर्ट पैनल :राजेंद्र डालके, अशोक शास्त्री, ज्ञानेंद्र त्रिपाठी ( सभी धार के वरिष्ठ पत्रकार)
खरगोन : बीजेपी को बढ़त, बड़वानी में होगा नुकसान
वजह: एक्सपर्ट के मुताबिक पूरा मुकाबला बड़वानी क्षेत्र में लड़ा गया। सीनियर जर्नलिस्ट आशुतोष पुरोहित कहते हैं कि कांग्रेस को बढ़त नहीं मिलेगी तो संगठन की कमजोरी की वजह से। वहीं ममताराम पाटुद कहते हैं कि खरगोन जिले से बीजेपी को बढ़त मिल जाएगी। बड़वानी में उसे नुकसान हो सकता है।
एक्सपर्ट पैनल : आशुतोष पुरोहित, ममताराम पाटुद, अनमोल ठाकुर( सभी खरगोन के वरिष्ठ पत्रकार)
खंडवा : नीरस चुनाव में बीजेपी को मिलेगी बढ़त
वजह: एक्सपर्ट पैनल में शामिल वरिष्ठ पत्रकारों के मुताबिक चुनाव बेहद नीरस रहा है। वरिष्ठ पत्रकार रईस सिद्दीकी बताते हैं कि बुरहानुपर में मुस्लिम वोट बैंक है, क्षेत्र में गुर्जर वोटर भी हैं इसी पर कांग्रेस को भरोसा था। लेकिन, बीजेपी को बढ़त मिलेगी। वहीं राजेंद्र पाराशर कहते हैं कि कांग्रेस ने अरुण यादव को नहीं लड़ाकर पहले दिन ही चुनाव सरेंडर कर दिया था।
एक्सपर्ट पैनल : जय नागड़ा, राजेंद्र पाराशर, रईस सिद्दीकी( सभी खंडवा के वरिष्ठ पत्रकार)

मंदसौर : सांसद का विरोध, मगर बीजेपी को बढ़त
वजह: एक्सपर्ट पैनल में शामिल वरिष्ठ पत्रकार कोमलसिंह तोमर बताते हैं कि कांग्रेस के दिलीपसिंह गुर्जर ने अच्छा मुकाबला किया। बीजेपी उनके बाहरी वाले मुद्दे को नहीं भुना पाई। वहीं सीनियर जर्नलिस्ट ब्रजेश जोशी कहते हैं कि कांग्नेस का प्रत्याशी अच्छा था मगर वह इस किले में सेंध नहीं लगा पाएगा।
एक्सपर्ट पैनल : कोमलसिंह तोमर, ब्रजेश जोशी, मुकेश गुप्ता (सभी मंदसौर के वरिष्ठ पत्रकार)
उज्जैन : बीजेपी को बढ़त, जीत का अंतर घटेगा
वजह: एक्सपर्ट पैनल में शामिल वरिष्ठ पत्रकार शैलेंद्र कुलमी कहते हैं कि बीजेपी को बढ़त मिलेगी, लेकिन मार्जिन कम होगा। बीजेपी उम्मीदवार का 5 लाख की लीड से जीतने का दावा 400 पार जैसा जुमला है। वहीं सीनियर जर्नलिस्ट निरुक्त भार्गव कहते हैं कि बीजेपी को बढ़त मिलेगी इसमें किसी को शक नहीं है। कम वोटिंग को देखते हुए मार्जिन पर फर्क पड़ेगा।
एक्सपर्ट पैनल : सूर्यनारायण मिश्रा, शिलेंद्र कुलमी,निरुक्त भार्गव, अमित शर्मा ( सभी उज्जैन के वरिष्ठ पत्रकार)
रतलाम : मुकाबला बराबरी का
वजह: एक्सपर्ट पैनल में शामिल वरिष्ठ पत्रकार गोपाल मैलाना कहते हैं कि यहां मुकाबला राष्ट्रीय के बजाय स्थानीय मुद्दे पर हुआ है इसलिए क्लियर कुछ नहीं कह सकते। वहीं सीनियर जर्नलिस्ट सौरभ पाठक का मानना है कि बीजेपी की सीट फंसी हुई है। आलीराजपुर और झाबुआ की लीड पर नतीजा निर्भर करेगा।
एक्सपर्ट पैनल : सौरभ पाठक, गोपाल मैलाना, सुधीर जैन ( सभी रतलाम के वरिष्ठ पत्रकार)
जबलपुर : भाजपा की बढ़त से ज्यादा चर्चा मार्जिन की
वजह : एक्सपर्ट पैनल में शामिल पांचों पत्रकारों का मानना है कि बीजेपी पिछली बार का मार्जिन छू न पाए, मगर उसे बढ़त मिलेगी। वरिष्ठ पत्रकार रविंद्र दुबे का कहना है कि प्रत्याशी दोनों अच्छे थे, लेकिन यहां वोटर परंपरागत रूप से भाजपा को वोट करता आया है। फिर लोकसभा से पहले हुए दलबदल में कांग्रेस के कई नेता भाजपा में शामिल हो गए। उसका भी फायदा भाजपा को मिल रहा है।
एक्सपर्ट पैनल: चैतन्य भट्ट, रवींद्र दुबे, प्रेमशंकर तिवारी, विनोद मिश्रा और श्याम बिहारी सिंह( सभी जबलपुर के वरिष्ठ पत्रकार)

शहडोल : मोदी फैक्टर के चलते बीजेपी को बढ़त
वजह : एक्सपर्ट पैनल में शामिल पांचों पत्रकारों के मुताबिक बीजेपी प्रत्याशी की बढ़त बरकरार है। मोदी फैक्टर का सीधा फायदा बीजेपी को मिलेगा। वरिष्ठ पत्रकार लवकुश तिवारी कहते हैं- लाभार्थी वोटरों ने भाजपा के पक्ष में बढ़-चढ़ कर वोट किया है। वहीं पत्रकार अरविंद पांडे का कहना है कि- कांग्रेस पूरी तरह से बिखरी हुई थी। कांग्रेस प्रत्याशी को पुष्पराजगढ़ के बाहर संभाग में लोग जानते नहीं है।
एक्सपर्ट पैनल: लवकुश तिवारी, अरविंद पांडे, विनोद शुक्ला, अजय नामदेव, कैलाश लालवानी( सभी शहडोल के वरिष्ठ पत्रकार)
सीधी : मोदी फैक्टर और हितग्राही वोटर्स से बीजेपी को फायदा
वजह : एक्सपर्ट पैनल में शामिल सीनियर जर्नलिस्ट मानते हैं कि त्रिकोणीय मुकाबला हुआ, मगर फायदा बीजेपी को ही मिलेगा। सीनियर जर्नलिस्ट स्तुति मिश्रा कहते हैं-सिंगरौली में कांग्रेस को नुकसान हो सकता है। अजय सिंह ने ताकत लगाई, लेकिन ठाकुरों का वोट अजय प्रताप को गया। वहीं पत्रकार अखिलेश पांडे का कहना है- शहडोल के ब्यौहारी व सीधी में भाजपा-कांग्रेस में बराबर की टक्कर रही है।
एक्सपर्ट पैनल: स्तुति मिश्रा, अखिलेश पांडे, अजय पांडे, अनिल शर्मा, सचिंद्र मिश्रा( सभी सीधी के वरिष्ठ पत्रकार)
गुना : भाजपा प्रत्याशी सिंधिया को बढ़त
वजह : एक्सपर्ट पैनल में शामिल पांचों वरिष्ठ पत्रकारों के मुताबिक बीजेपी को बढ़त मिल सकती है। सीनियर जर्नलिस्ट डॉ. अजय खेमरिया का कहना है कि गुना सिंधिया के प्रभाव वाली सीट है। पिछली बार मोदी फैक्टर के चलते वो हार गए थे। इस बार उनके प्रति सहानुभूति और मोदी फैक्टर दोनों है। यहां अनुमान जीत-हार से अधिक मार्जिन को लेकर लगाया जा रहा है।
एक्सपर्ट पैनल: डॉ. अजय खेमरिया, मुकेश रघुवंशी, प्रदीप कुमार, अरविंद तोमर, शिवकांत शर्मा( सभी गुना के वरिष्ठ पत्रकार)

भिंड : मोदी नाम के सहारे भाजपा की राह हुई आसान
वजह : एक्सपर्ट पैनल में शामिल पांचों पत्रकारों के मुताबिक मौजूदा सांसद संध्या राय के खिलाफ एंटी इन्कंबेंसी जरूर थी, मगर मोदी फैक्टर ने बीजेपी को राहत की सांस दी। सीनियर जर्नलिस्ट रवि ठाकुर के मुताबिक भिंड लोकसभा में आने वाली दतिया जिले में संध्या राय ने कोई काम नहीं किया। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी फूल सिंह बरैया की इमेज भी ठीक नहीं है। बीएसपी उम्मीदवार आशीष जरारिया से कांग्रेस को नुकसान है।
एक्सपर्ट पैनल : रामानंद सोनी, रवि ठाकुर, अनिल शर्मा, अनिल चौधरी, संजय दांतरे ( सभी भिंड के वरिष्ठ पत्रकार)
मुरैना : जाति समीकरण और अच्छी छवि से कांग्रेस फायदे में
वजह : एक्सपर्ट पैनल में शामिल चार में से तीन वरिष्ठ पत्रकारों की राय में यहां कांग्रेस को बढ़त मिल रही है। सीनियर जर्नलिस्ट रामबरन कहते हैं कि कांग्रेस प्रत्याशी के मजबूत नेटवर्क से उसे फायदा मिल रहा है। मगर, वरिष्ठ पत्रकार उपेंद्र गौतम कहते हैं-जनता के मिजाज पर बीजेपी का प्रबंधन भारी पड़ा है। जैसे तैसे बीजेपी की नैया पार हो जाएगी।
एक्सपर्ट पैनल: उपेंद्र गौतम, रामबरन, महेश शिवहरे, जगदीश शुक्ल( सभी मुरैना के वरिष्ठ पत्रकार)
ग्वालियर : भाजपा के परंपरागत वोटरों की उदासीनता से कांग्रेस को बढ़त
वजह : एक्सपर्ट पैनल में शामिल पांच में से 4 पत्रकारों का कहना है कि यहां कांग्रेस को बढ़त मिल सकती है। वहीं सीनियर जर्नलिस्ट सुरेश सम्राट के मुताबिक बीजेपी सारे अनुमान को ध्वस्त करेगी। वरिष्ठ पत्रकार देव श्रीमाली के मुताबिक इस बार बीजेपी का कोर वोटर नाराज दिखा है। पिछली बार क्षत्रिय व ब्राह्मण समाज का 80 प्रतिशत वोट भाजपा को मिला था। इस बार दोनों वर्गों का समर्थन कांग्रेस के पक्ष में दिखा है।
एक्सपर्ट पैनल: राकेश अचल, देव श्रीमाली, सुरेश सम्राट, चंद्रमोहन नागौरी, हरीश दुबे ( सभी ग्वालियर के वरिष्ठ पत्रकार)

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