मध्यप्रदेश

21 मार्च को पेश होगा भोपाल निगम का बजट; कई मुद्दों पर ‘शहर सरकार’ को घेरेंगे कांग्रेसी | Bhopal Corporation’s budget will be presented on March 21; Congressmen will surround the ‘city government’ on many issues


  • Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Bhopal
  • Bhopal Corporation’s Budget Will Be Presented On March 21; Congressmen Will Surround The ‘city Government’ On Many Issues

भोपाल37 मिनट पहले

भोपाल नगर निगम की बजट मीटिंग 21 मार्च को होगी। इसमें 3200 करोड़ रुपए से ज्यादा का बजट पेश हो सकता है। इस बजट से पहले विपक्ष ने ‘शहर सरकार’ से पुराना हिसाब मांगा है। जनता से जुड़े कई मुद्दों पर भी कांग्रेसी पार्षद घेरने की रणनीति बना रहे हैं।

बता दें कि बजट मीटिंग में पूर्व CM स्व. बाबूलाल गौर और ग्रुप कैप्टन शहीद वरुण सिंह के नाम पर सड़कें होंगी, जबकि ऐशबाग स्टेडियम का नाम भोपाल के पूर्व सांसद और वरिष्ठ भाजपा नेता स्व. कैलाश नारायण सारंग के नाम से करने का प्रस्ताव भी लाया जाएगा। इसके अलावा नीमच में प्रस्तावित विंड प्रोजेक्ट को फिर से मीटिंग में रखने का प्लान है। अबकी बार किसी भी प्रकार के टैक्स में बदलाव नहीं किया जा रहा है। नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी का कहना है कि बजट मीटिंग से पहले हमने पुनरीक्षित बजट का हिसाब मांगा है। मीटिंग का एजेंडा तो जारी हो चुका है, लेकिन जनता से जुड़े मामलों को शामिल नहीं किया गया है।

9 बिंदुओं को बजट में शामिल करने को कहा है
नेता प्रतिपक्ष जकी का कहना है कि बजट मीटिंग में 9 बिंदुओं को शामिल करने के लिए पहले ही महापौर को लेटर दे चुके हैं। इसे भी मीटिंग में शामिल किया जाना चाहिए। ताकि, जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो सके।

  • जनता पर कोई अतिरिक्त टैक्स न बढ़ाया जाए।
  • महापौर ने अपने संकल्प पत्र में जो वादा किया था, उसके अनुसार उपभोक्ता करों को कम किया जाए।
  • 85 वार्ड की समस्याओं के समाधान करने के लिए बजट राशि आवंटित की जाए।
  • बल्क नल कनेक्शन के स्थान पर व्यक्तिगत कनेक्शन देने और सीवेज सिस्टम ठीक करने के लिए बजट में प्रावधान किया जाए।
  • शहर में शेल्टर हाउस बनाए जाए।
  • पार्षद निधि राशि 50 लाख रुपए की जाए। पार्षद निधि के वार्षिक टेंडर की प्रोसेस व्यवस्थित नियमानुसार की जाए, या चार लाख रुपए तक के टेंडर पूर्व की तरह जोन स्तर से कराए जाए। ताकि, विकास कार्यों में प्रगति आ सकें।
  • जिन क्षेत्रों में सीवेज सिस्टम सुधारने का काम नहीं हो सका है, वहां के लिए टेंडर लगवाए जाए।
  • प्रत्येक पार्षद से वार्ड अनुसार प्रस्ताव लेकर बजट में शामिल किए जाए।
  • शहर की लाइट व्यवस्था को सुधारने के लिए हर वार्ड को लाइट उपलब्ध कराई जाए।

सर्वदलीय मीटिंग भी नहीं हुई
मीटिंग को लेकर एजेंडा तो चार दिन पहले ही जारी हो चुका है, लेकिन बजट की जानकारी अब तक सामने नहीं आई है। अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी को भी अब तक जानकारी नहीं मिल पाई है। इस कारण सर्वदलीय मीटिंग नहीं बुलाई गई है। इधर, विंड प्रोजेक्ट का प्रस्ताव फिर से लाने को लेकर भी नाराजगी सामने आ सकती है।

खबरें और भी हैं…

Source link

एडवोकेट अरविन्द जैन

संपादक, बुंदेलखंड समाचार अधिमान्य पत्रकार मध्यप्रदेश शासन

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!