अजब गजब

Repo Rate Hike: ब्याज दरों में बढ़ोतरी से एक तरफ दुख तो दूसरी ओर खुशी, जानिए ऐसा क्यों?

हाइलाइट्स

आरबीआई ने रेपो रेट में 0.35 फीसदी का इजाफा किया है.
मई से अब तक आरबीआई 2.25 फीसदी रेपो रेट बढ़ा चुका है.
इससे होम, कार समेत अन्य लोन महंगे होने की आशंका है.

नई दिल्ली. भारतीय रिजर्व बैंक ने बुधवार को ब्याज दरों में 35 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी की घोषणा की. इसके बाद प्रभावी रेपो रेट 6.25 फीसदी हो गई. यह अगस्त 2018 के बाद सर्वाधिक रेपो रेट है. आरबीआई ने मई से रेपो रेट बढ़ाना शुरू किया और अब तक कुल 225 बेसिस पॉइंट की वृद्धि की जा चुकी है. 225 बेसिस प्वाइंट का मतलब ब्याज दर में 2.25 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है.

इससे लोन लेने वाले ग्राहकों पर वित्तीय बोझ बहुत काफी बढ़ गया है. जिन भी लोगों ने लोन लेकर घर, कार या अन्य उत्पाद खरीदे थे उन्हें अधिक ईएमआई चुकानी होगी. बैंकों ने अब तक आरबीआई द्वारा रेपो रेट में की गई 190 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी को ग्राहकों तक पहुंचा दिया है. हालांकि, जानकारों का मानना है कि लोन की ब्याज दरें पहले से ही 13 साल के उच्चतम स्तर पर हैं ऐसे में उम्मीद है की बैंक आगे ब्याज दरों में वृद्धि नहीं करेंगे.

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कितनी बढ़ जाएगी ईएमआई?
अगर बैंक यह ईएमआई में इजाफा करते हैं और आरबीआई द्वारा बढ़ाई गई रेपो रेट को ग्राहकों में ट्रांसफर करते हैं तो ब्याज में 0.35 फीसदी का इजाफा हो जाएगा. इसे अगर एक उदाहरण से समझें तो मान लीजिए कि आपने 20 साल के लिए ले गए 3000000 रुपए का लोन लिया है. इस पर आप अब तक 8.5 फीसदी की दर से 26,035 रुपये का ईएमआई भर रहे थे. वहीं, इस वृद्धि के बाद आपको 8.85 फीसदी की दर से ब्याज देना होगा. अब आपकी ईएमआई बढ़कर 26703 रुपये हो जाएगी.

ईएमआई बढ़ाएं या टेन्योर
लोगों के मन में ब्याज दरों में वृद्धि के बाद हमेशा एक सवाल रहता है कि उन्हें ईएमआई में वृद्धि करनी चाहिए या फिर टेन्योर बढ़ाकर अपनी जेब पर वित्तीय बोझ को वर्तमान में कुछ कम करना चाहिए. जानकार मानते हैं कि ग्राहकों को बढ़ी हुई ईएमआई के साथ आगे जाना चाहिए. इसका फायदा उन्हें लंबी अवधि में होगा. टेन्योर के बढ़ जाने से उनका लोन काफी महंगा हो जाएगा. टेन्योर के बढ़ने से उन्हें ज्यादा लंबे समय तक लोन की भरपाई करनी पड़ेगी जो अंत में अभी मंहगी लग रही यह ईएमआई से कहीं अधिक होगा.

एक तबके में खुशी का माहौल
ब्याज दरें बढ़ने से जहां एक तरफ होम लोन समेत सभी तरह के कर्ज महंगे हो गए हैं. वही, निवेशकों के लिए यह खुशी का मौका है. बैंक लोन पर ब्याज बढ़ाने के साथ-साथ एफडी व अन्य बचत व निवेश योजनाओं पर भी ब्याज दरों को बढ़ाएंगे. इससे पहले रेपो रेट में की गई बढ़ोतरी का लाभ भी निवेशकों को मिला था. ऐसे कई बैंक व वित्तीय संस्थान हैं जिन्होंने एफडी की ब्याज दरों में बढ़ोतरी करते हुए उन्हें 7 फीसदी से ऊपर पहुंचा दिया है. 2 दिसंबर तक इस सूची में कुल 24 बैंक हैं इसमें सरकारी, निजी और विदेशी बैंक शामिल हैं.

Tags: Bank FD, Business news in hindi, Home loan EMI, RBI


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एडवोकेट अरविन्द जैन

संपादक, बुंदेलखंड समाचार अधिमान्य पत्रकार मध्यप्रदेश शासन

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