अजब गजब

सबसे बड़ी सरकारी कंपनियों का CPSE ETF निवेश के लिए खुला, क्या आपको इसमें पैसा लगाना चाहिए?

नई दिल्ली. सेंट्रल पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइजेज (CPSE) का एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) निवेश के लिए खुल गया है. यह इस ईटीएफ की 7वीं खेप है. इस पर एक्सपर्ट्स कहते हैं कि लॉन्ग टर्म के इक्विटी म्यूचुअल फंड में पैसा लगाने वाले इसे दूर रहें.भले ही वैल्यूएशन कम हों और डिस्काउंट की पेशकश की जा रही हो. इस तरह के फंड केंद्रि‍त होते हैं. इसलिए इनमें ज्यादा अस्थिरता रहती है.  इसमें सिर्फ 12 शेयर हैं जिनमें से चार कंपनियों कोल इंडिया, NTPC, ONGC और पावर ग्रिड का हिस्सा 79.5 फीसदी है. इसके चलते इसमें उथल-पुथल का खतरा ज्यादा है. आपको बता दें कि CPSE ETF का पहला न्यू फंड ऑफर मार्च 2014 में लॉन्च हुआ था. फिर जनवरी 2017 में इसके जरिए 13,705 करोड़ रुपये जुटाए गए थे. इसके बाद मार्च 2017 और नवंबर 2018 में इसकी पेशकश की गई थी.

आपको बता दें कि इसके पहले के ETF के जरिए सरकार ने 50 हजार करोड़ रुपये जुटाए हैं. मार्च 2014 में पेश किए गए पहले ट्रांच में 3 हजार करोड़ रुपये, जनवरी 2017 में 6 हजार करोड़ रुपये, मार्च 2017 में 2,500 करोड़ रुपये, नवंबर 2018 में 17 हजार करोड़ रुपये, मार्च 2019 में 10 हजार करोड़ रुपये और जुलाई 2019 में कुल 11,500 करोड़ रुपये जुटाया गया था.

पुराने CPSE  ETF ने कितना दिया रिटर्न
पिछले एक साल में सीपीएसई ईटीएफ में 6.53 फीसदी गिरावट आई है जबकि इस दौरान BSE सेंसेक्स ने 13.72 फीसदी का रिटर्न दिया है. एक्सपर्ट्स का कहना हैं कि कम वैल्यूएशन और ऊंची डिविडेंड यील्ड वाली सेफ पीएसयू में निवेश करने के बुनियादी सिद्धांत अब भी दमदार है लेकिन पिछले CPSE ETF को लेकर इनवेस्टर्स का अनुभव अच्छा नहीं रहा है.

वैल्यूएशन के लिहाज से निफ्टी CPSE इंडेक्स में 8.76 P/E पर ट्रेड हो रहा है जबकि इसके मुकाबले निफ्टी 50 का P/E 28 चल रहा है. इसके अलावा निफ्टी CPSE की डिविडेंड यील्ड 5.32 फीसदी है. वहीं,  निफ्टी 50 की डिविडेंड यील्ड 1.24 फीसदी चल रही है.

न्यूनतम निवेश 5 हजार रुपये

(1) छोटे निवेशक कम से कम 5 हजार रुपये तक का निवेश कर सकते हैं. वहीं, गैर-संस्थागत निवेशक और क्वालिफाइड संस्थापक बायर्स के लिए यह सीमा 2 लाख रुपये है. एंकर इन्वेस्टर्स के लिए न्यूनतम निवेश की सीमा 10 करोड़ रुपये है.

(2) हर CPSE ट्रांच डिस्काउंट के साथ आता है, जोकि ​रिटेल निवेशकों के लिए 3-5 फीसदी के करीब होता है. वर्तमान में इस सातवें ट्रांच के लिए निवेशकों को 3 फीसदी का डिस्काउंट मिलेगा.

CPSE ETFs 7th tranche to open on 30 January 2020 what Investors do All you need to know

(3) सीपीएसई ईटीएफ में 12 पब्लिक सेक्टर कंपनियां शामिल है, जिनमें अधिकतर एनर्जी और पावर सेक्टर की कंपनियां है.

(4) 23 जनवरी तक बीते एक, तीन और पांच साल में इनका कंपाउंड एन्युअल ग्रोथ रेट क्रमश: -6.36 फीसदी, -6.35 फीसदी और -2.59 फीसदी रहा है. ONGC, NTPC, कोल इंडिया, इंडियन ऑयल, REC, PFC, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑयल इंडिया, NBCC इंडिया, NLC इंडिया और SJVN जैसी कंपनियां शामिल हैं. इन कंपनियों को इंडेक्स में 20 फीसदी तक वेटेज है.

Tags: Business news in hindi, ETF, Mutual fund, Mutual fund investors, Mutual funds


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एडवोकेट अरविन्द जैन

संपादक, बुंदेलखंड समाचार अधिमान्य पत्रकार मध्यप्रदेश शासन

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